सिद्धार्थनगर: क्षेत्र के परसा हुसैन गांव में एक दिवसीय जलसे का आयोजन किया गया। जिसे विभिन्न जिलों से आए उलेमाओं ने खिताब करते हुए इस्लाम को शांति व मोहब्बत भाईचारगी का पैगाम देने वाला बताया।

संचालन मौलाना अनवारुल ह़क कासिमी ने किया।

शुरुआत तिलावते ़कुरान पाक से रेहान अहमद ने की। सोनबरसा के अब्दुल हकीम ने नात ए पाक पेश कर कार्यक्रम को उर्जा प्रदान की। तकरीर की शुरुआत दरियाबाद से आए हा़िफ•ा अब्दुस समी मदनी ने करते हुए कहा कि औरतें घर की जीनत होती हैं। मर्द बिगड़ता है तो एक घर प्रभावित होता है जबकि औरत के बिगड़ने पर पूरा समाज प्रभावित होता है। बच्चों की परवरिश में औरतों का ही सबसे ज्यादा असर रहता है। बच्चों को संस्कारवान बनाना है तो पहले घर की औरतों को संस्कारी बनना होगा। मौलाना इश्तियाक ने नज्म पेश कर समां बांध दिया। मौलाना अजीजुर्रहमान ने नमाज की अहमियत के बारे में बताया कि जिस तरह आग लकड़ी का वजूद खत्म कर देती है उसी तरह नमाज गुनाह को खत्म कर देती है। मौलाना अलीमुल्लाह नदवी, अहमद हुसैन, महीबुल्लाह, शाहिद हुसेन, रियाज अहमद, मोहम्मद इशहाक अहमद, मोहम्मद हारून, जावेद, महमूद आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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