जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर: मंडलायुक्त अनिल कुमार सागर ने गुरुवार को जिले में कोविड के स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए बाहर से आने वाले सभी लोगों की जांच सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। कहा कि रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर टीम लगाकर सभी की जांच कराई जाए। जिससे कि कोविड संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक के दौरान सभी अधीक्षक व प्रभारी चिकित्साधिकारियों को डोर टू डोर सर्विलांस कार्य तेज करने के साथ ही सर्विलांस के आधार पर सभी की सैम्पलिग कराने का निर्देश दिया, जिससे कि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। इसकी निगरानी के लिए भी अधिकारियों की ड्यूटी लगाने का निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। एंटीजेन व आरटीपीसीआर सैम्पलिग की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने टेस्टिग बढ़ाने का निर्देश दिए। प्रत्येक दिन पाजिटिव पाए गए, मरीजों की कांटेक्ट ट्रेसिग करके टेस्टिग कराने का निर्देश दिया गया। कन्ट्रोल रूम सुचारू रूप से सक्रिय रखने का निर्देश दिया। बैठक में उपरोक्त के अतिरिक्त अपर जिलाधिकारी सीताराम गुप्त, उपजिलाधिकारी नौगढ़ विकास कश्यप, जगप्रवेश, डुमरियागंज त्रिभवन, उत्कर्ष श्रीवास्तव, शोहरतगढ़ शिवमूर्ति सिंह, समस्त खंड विकास अधिकारी तथा निर्वाचन से संबंधित सभी अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। नवनियुक्त शिक्षकों को वेतन

भुगतान करें बीएएस: डीएम सिद्धार्थनगर : प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की समस्याओं को हल करने के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने पहल करते हुए गुरुवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी व प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट में बैठक की। डीएम ने बीएसए राजेंद्र सिंह से नवनियुक्त शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी तो बीएसए पूरी जानकारी नहीं दे सके। जिसपर जिलाधिकारी ने बीएसए को निर्देश दिया कि दो दिन के भीतर वेतन आदेश से वंचित सभी नवनियुक्त शिक्षकों की सूची बनाकर आनलाइन सत्यापन की स्थिति दर्ज की जाए और आफलाइन अभिलेखों के सत्यापन के लिए विशेष वाहक को भेजकर शीघ्रता से सत्यापन कराया जाए। शासनादेश के विपरीत बिना स्पष्टीकरण प्राप्त किए शिक्षकों का वेतन बाधित करने की कार्रवाई को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यदि शिक्षकों के खिलाफ कोई आरोप हैं तो उसकी जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाए। महीनों तक वेतन रोककर या निलंबित कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा न दें। इसके अलावा पदोन्नति सहित अन्य बिदुओं पर चर्चा कर जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिया और चार दिन बाद स्वयं समीक्षा करने के लिए कहा। शिक्षक समस्याओं के प्रति बीएसए के उदासीनता का आरोप लगाते हुए संगठन ने जिलाधिकारी को 12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा था। बैठक में प्राशिसं के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी सहित शैलेंद्र मिश्रा, रूपेश सिंह, लालजी यादव, अभय श्रीवास्तव, इंद्रसेन सिंह, अश्विनी त्रिपाठी, कृपाशंकर पांडेय, हरिशंकर सिंह,रामशंकर पांडेय आदि मौजूद रहे।

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