सिद्धार्थ नगर : आषाढ़ की उमस ने भले ही किसानों को रुलाया, धान भी पानी की आस में पूरे महीने मुरझाए रहे, अनेकों किसानों को सूखा पड़ने की भी ¨चता सताने लगी, लेकिन लोगों की व्यथा को देखते हुए श्रावण मास अपने पूरे शबाब के साथ आया है।

किसान दो दिनों से हो रही रिमझिम बारिश से निहाल हैं। लोग यही कहते दिखाई पड़ रहे हैं कि लो भैया आया सावन झूम के..!

बारिश होने से लोगों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई, शीतल हवाएं भी चलने लगीं, जिससे पूरी रात उमस भरी गर्मी से राहत पाकर लोगों ने चैन की नींद ली। उधर, खेतों में पपीहा की भांति बारिश की बूंदों का इंतजार कर रहे धान भी बाग-बाग हो गए, पूरी रात की बारिश से खेतों में जहां पानी दिखने लगा, वहीं धान की फसल भी लहलहाने लगी। शुक्रवार प्रात: काल उठकर किसान पहले अपने-अपने खेतों में पहुंचे और खरपतवार नाशक दवा का छिड़काव व उर्वरकों का प्रयोग किया।

उधर, बारिश रात में भी जारी रही। शनिवार को भी फुहारें पड़ीं। बादल आसमान में अपना अड्डा बनाए हुए हैं। फिलहाल एक माह तरसने के बाद किसान बाग-बाग हैं।

क्षेत्र के किसान सुरेंद्र बहादुर ¨सह, गिरींद्र ¨सह गुरुप्रसाद चौधरी, पंडित राम किशोर चौबे, चंद्रभूषण मणि त्रिपाठी, त्रयम्बक मणि त्रिपाठी, अब्दुल वदूद चौधरी, सुरेंद्र चौधरी, हरिश्चंद्र साहनी, रामकुमार नेता, रामनाथ पासवान व इसरार अहमद आदि ने इस बारिश होने पर प्रसन्नता व्यक्त की है।

Posted By: Jagran

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