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एटीएस ने तेज की मकसूद अली के ऑनलाइन नेटवर्क और अलकायदा कनेक्शन की जांच, मंसूबों की तलाश

Published: Tue, 22 Sep 2026 05:57 PM (IST)

एटीएस मकसूद अली की ऑनलाइन गतिविधियों और पाकिस्तानी हैकरों से कथित संपर्कों की गहन जांच कर रही है।

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जागरण संवाददाता, बांसी (सिद्धार्थनगर)। मधवापुर निवासी 19 वर्षीय मकसूद अली की गतिविधियों और संपर्कों को लेकर आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की जांच आगे बढ़ रही है। दो दिन पूर्व अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने वीडियो बयान जारी कर मकसूद की कथित आनलाइन गतिविधियों, पाकिस्तानी हैकरों से संपर्क और कैप्टन एम नेटवर्क से जुड़ी जानकारी साझा की थी।

इसके बाद अब जांच एजेंसी उसके संपर्कों और कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। लखनऊ जेल में बंद मकसूद से एटीएस दो बार पूछताछ कर चुकी है। एटीएस यह पता लगाने में जुटी है कि वह किन लोगों के संपर्क में था और कथित गतिविधियों में उसकी भूमिका क्या थी।

कोयंबटूर से गिरफ्तार हुआ था मकसूद

मकसूद को 14 सितंबर को तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तार किया गया था। यूपी एटीएस ने तमिलनाडु एटीएस के सहयोग से उसे पकड़ा। इससे पहले 12 सितंबर को आजमगढ़ निवासी मोहम्मद नबील की गिरफ्तारी हुई थी। नबील से पूछताछ और विवेचना में मिले तथ्यों के आधार पर मकसूद तक जांच पहुंची।

एटीएस ने उसे प्रतिबंधित संगठन अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) की विचारधारा से जुड़े कथित आनलाइन माड्यूल की गतिविधियों की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया। ट्रांजिट रिमांड पर उसे लखनऊ लाकर न्यायालय में पेश किया गया था।

मकसूद करीब तीन माह पहले रोजगार के लिए घर से निकला था। पहले सूरत और फिर कोयंबटूर पहुंचा, जहां वह फर्नीचर कारीगर के सहायक के रूप में काम कर रहा था। परिवार के अनुसार उन्हें उसकी कथित आनलाइन गतिविधियों की जानकारी नहीं थी। उसके पिता को भी एटीएस ने पूछताछ के लिए लखनऊ बुलाया था।

आनलाइन खेल से पाकिस्तानी संपर्क तक पहुंची जांच

एटीएस की जांच में मकसूद के दो वाट्सऐप खातों और विभिन्न संदिग्ध समूहों से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। एजेंसी के अनुसार वह आनलाइन खेल के दौरान पाकिस्तान में मौजूद लोगों के संपर्क में आया। इसके बाद उसने इंटरनेट के माध्यम से कोडिंग और हैकिंग से जुड़ी तकनीकी जानकारी हासिल की। उसके संपर्क में रहे पाकिस्तानी नंबरों और समूहों की भी पड़ताल की जा रही है।

जांच में कैप्टन एम नेटवर्क नाम से एक सुरक्षित संपर्क माध्यम तैयार किए जाने की बात भी सामने आई है। एटीएस यह पता लगाने में जुटी है कि इससे कितने लोग जुड़े थे और इसका इस्तेमाल किस प्रकार किया जाता था। डिजिटल उपकरणों, वाट्सऐप समूहों और अन्य आनलाइन संपर्कों से मिले तथ्यों का आपस में मिलान किया जा रहा है।

मंसूबों और नेटवर्क में भूमिका की पड़ताल

एटीएस की पूछताछ में अब मकसूद के कथित उद्देश्य और नेटवर्क में उसकी भूमिका प्रमुख जांच बिंदु हैं। एजेंसी यह भी पता कर रही है कि उसके संपर्क केवल आनलाइन बातचीत तक सीमित थे अथवा इनके आगे भी कोई गतिविधि हुई। जांच में सामने आए नामों और डिजिटल साक्ष्यों को जोड़कर अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

एडीजी अमिताभ यश के वीडियो बयान के बाद सामने आई जानकारियों ने जांच की दिशा को और स्पष्ट किया है। हालांकि मकसूद की कथित गतिविधियों और नेटवर्क में उसकी वास्तविक भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।