सिद्धार्थनगर : इटवा से पड़ोसी जनपद बलरामपुर को जोड़नी वाली सड़क दुर्दशा का शिकार है। बिस्कोहर पहुंचते ही हर राहगीर असमंजस में रहता है कि कहीं वह किसी बदहाल गांव में तो नहीं पहुंच गया। जल निकासी के अभाव में सड़क पर कीचड़ का बोलबाला है, बावजूद कोई देखने वाला नहीं है।

भनवापुर विकास खंड की पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांव बिस्कोहर को लोगों ने कस्बे की संज्ञा जरूर दी, मगर यहां के लोगों का जीवन नारकीय है। मुख्य सड़क पर पुलिस चौकी, बस स्टाप समेत कई निजी प्रतिष्ठान हैं। यदि हल्की सी बरसात हुई तो पूरा पानी सड़क पर जमा हो जाता है। दुकानों व घरों से फेंके गए कचरों से स्थित और भयावह बन जाती है। सड़क में बने विशाल गड्ढों में भरा पानी जानलेवा साबित हो रहा है। ग्रामीणों में अजय प्रजापति का कहना है कि यह कस्बा अपनी ऐतिहासिकता को लेकर काफी प्रसिद्ध है, मगर यहां कि दुर्दशा भी किसी से छिपी नहीं है। रामसेवक गुप्ता कहते हैं कि ब्लाक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत होने के बाद भी यहां की मूलभूत सुविधाओं के बारे में न तो विभागीय अधिकारी दे रहे और न ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, ऐसे में नारकीय जीवन से निजात मिलता नहीं दिख रहा। मो. नईम का कहना है कि बलरामपुर जनपद की सीमा से जुड़ा होने के चलते सड़क काफी महत्वपूर्ण है, मगर जल निकासी के लिए नाली न बनाए जाने से पूरा कस्बा कीचड़ व जल जमाव की समस्या से नहीं उबर रहा।

एसडीएम रामसूरत पाण्डेय का कहना है कि समस्या समाधान के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों समेत जिलाधिकारी को अवगत कराएंगे।