जल जीवन मिशन: श्रावस्ती में 17 पाइप पेयजल परियोजनाएं ठप, साफ पानी के इंतजार में लाखों लोग
श्रावस्ती के जमुनहा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत 17 पाइप पेयजल परियोजनाएं ठप पड़ी हैं, जिससे ग्रामीणों को शुद्ध पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

जल जीवन मिशन का काम अधूरा।
संवाद सूत्र, जमुनहा(श्रावस्ती)। हर घर शुद्व पेयजल की पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत पाइप पेयजल योजना चलाई जा रही है। गांव-गांव पानी की टंकिया बनवाई जा रही हैं। निर्माण की रफ्तार सुस्त है। जमुनहा क्षेत्र में 17 पाइप पेयजल परियोजनाएं ठप पड़ी हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल से शुद्व पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से साल 2019 में जल जीवन मिशन की शुरुआत की गई थी। इस योजना के तहत क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर पानी टंकी का निर्माण शुरू हुआ। जमुनहा क्षेत्र में कुल 59 पाइप पेयजल परियोजना पर कार्य शुरु हुआ। इसके तहत पानी टंकी का निर्माण, पाइप लाइन बिछाने समेत अन्य कार्य होने थे।
परियोजना का काम पूरा करने के लिए 18 महीने का समय तय दिया गया था। इस प्रकार वर्ष 2024 तक काम पूरा करना था। 59 परियोजनाओं में से 21 का संचालन हो रहा है। 21 परियोजना का कार्य पूरा हो चुका है। इनका ट्रायल किया जा रहा है।
अचरौरा शाहपुर-असनी, पटपरगंज-बभनपुरवा, बहोरवा, बैजनाथपुर, भरथा, वीरपुर लौकिहा, धूमबोझी, गजोबरी, झिरझिरवा, जोगिया, खांवाकला-लालबोझा, रामपुर-लक्ष्मनपुर गंगापुर, लालपुर हरीडीह-सुजानडीह, महदेवा, मनवरिया भोजा, उल्लहवा-सेहरिया, श्रीनगर में परियोजना का काम ठप पड़ा है। इससे लोगों को शुद्ध पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। पीने के पानी के लिए लोग घरों में लगे छोटे हैंडपंप पर निर्भर हैं।
जल निगम के अवर अभियंता शेष नारायन ने बताया कि वर्ष 2024 तक परियोजना का काम पूरा होना था। बजट की समस्या के चलते बीच में काम रूका था। अब बजट उपलब्ध है, लेकिन कुछ स्थानों पर जमीन की सतह नीची व जलभराव होने के कारण कार्य रुका हुआ है। परियोजना पूरा करने का समय वर्ष 2028 तक बढ़ा दिया गया है।
