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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिमागी बुखार से युवक की मौत, 12 बीमार

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Published: Sat, 03 Aug 2013 11:31 PM (IST)Updated: Sat, 03 Aug 2013 11:33 PM (IST)

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श्रावस्ती : तराई में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप जारी है। संदिग्ध दिमागी बुखार, वायरल व पीलिया से दो दर्जन से अधिक लोग पीड़ित चल रहे हैं। संदिग्ध दिमागी बुखार से चितईपुर गांव में एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई जबकि दस लोग बीमार चल रहे हैं। पीलिया का भी शुकुलपुरवा गांव में प्रकोप चल रहा है। सूचना के बाद भी इन गांवों में स्वास्थ्य टीम मौके पर नहीं पहुंची है। पीड़ित लोग निजी चिकित्सकों या बहराइच में इलाज करा रहे हैं।

विकास खंड हरिहरपुररानी के चितईपुर गांव में संदिग्ध दिमागी बुखार का प्रकोप तीन दिनों से चल रहा है। गुड्डू (24)पुत्र गुल्ले बुखार से तीन दिनों से पीड़ित थे। हालत गंभीर होने पर इन्हें इलाज के लिए बहराइच जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान शुक्रवार देर शाम उसकी मौत हो गई। गांव में चेतराम, छोटकऊ, सुशील, जमादार, दुखीराम, राजितराम, ननके, छोटेलाल, राम अधार, तिलकराम, राम अचल समेत एक दर्जन से अधिक लोग बुखार से पीड़ित चल रहे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि गांव में फैले बुखार की सूचना स्वास्थ्य महकमे को दी गई है। इसके बावजूद भी उपचार के लिए गांव में स्वास्थ्य टीम नहीं भेजी गई है। निजी चिकित्सकों के यहां लोग बुखार का इलाज करा रहे हैं। संक्रामक बीमारी फैलने का कारण गांव में बिखरी पड़ी गंदगी व साफ सफाई का अभाव बताया जाता है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सूचना मिली है इलाज के लिए स्वास्थ्य टीम गांव भेजी जा रही है। वहीं दूसरी ओर गिलौला ब्लॉक क्षेत्र के कल्यानपुर गांव के शुकुलपुरवा में पीलिया का प्रकोप जारी है। पीलिया से सुरेश पुत्र राम फेरन, राधेश्याम पुत्र सुरेश कुमार, रणजीत, शेषराज आदि प्रभावित हैं। पीलिया बीमारी से सुरेश की हालत काफी गंभीर बताई जाती है। इलाज के लिए इन्हें लखनऊ ले जाया गया है। गांव के वेदप्रकाश, राजितराम व संतोष कुमार बताते हैं कि प्रदूषित पानी पीने से संक्रामक बीमारियां गांव में फैल रही है। गांव में एक भी इंडिया मार्का हैंडपंप नहीं लगा है। लोग कुएं और छोटे नलों के प्रदूषित पानी पर ही निर्भर है।

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