श्रावस्ती : ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को घर के निकट जांच व इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रविवार को अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान 1822 मरीजों का इलाज हुआ। 66 कुपोषित बच्चों को चिहित कर संयुक्त जिला चिकित्सालय में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा गया। मेले में आयुष्मान भारत योजना के तहत 112 गोल्डन कार्ड बने।

अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे मेले में सुबह 10 बजे से ओपीडी की शुरुआत हुई। इस दौरान केंद्रों पर भीड़ उमड़ी। दूर-दराज क्षेत्र से परिवार के लोगों को लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने चिकित्सकीय परामर्श के साथ आवश्यक जांच भी करवाई। मेले में अस्थाई पैथालॉजी बनाई गई थी। यहां शुगर, टायफाइड, पीलिया आदि की जांच की गई। 11 एपीएचसी पर हुए आयोजन में 785 पुरुष, 763 महिलाएं व 274 बच्चों का इलाज हुआ। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. उदयनाथ ने गिलौला के परेवपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगे मेले का निरीक्षण किया। यहां डॉ. प्रहलाद मिश्र, डॉ. अभिनव सचान व डॉ. अनीस की टीम मौजूद थी। सिरसिया सीएचसी के अंतर्गत पड़वलिया, लक्ष्मनपुर व टिटिहिरिया उपकेंद्रों पर मेला लगा। एसीएमओ ने बताया कि 117 गर्भवती महिलाओं की जांच के बाद दवाएं दी गईं। मेले में 220 श्वांस रोगी, 114 लीवर संबंधी मरीज, 79 शुगर के मरीज तथा खून की कमी से जूझ रहे 35 लोगों को चिहित किया गया।

आधार व राशन कार्ड लाएं, गोल्डन कार्ड बनवाएं : एसीएमओ डॉ. उदयनाथ ने बताया कि प्रत्येक रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मेले का आयोजन होगा। इसमें गोल्डन कार्ड बनाने के लिए अलग से स्टॉल लगाया जाता है। परिवार के लोगों को मेले में लाकर जांच व इलाज करवा सकते हैं। इसके अलावा ऐसे लाभार्थी जिनका गोल्डन कार्ड की पात्रता सूची में नाम दर्ज है, लेकिन कार्ड बना नहीं है वे अपना आधार कार्ड व राशन कार्ड लेकर मेले में आएं। यहीं गोल्डन कार्ड बन जाएगा।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस