श्रावस्ती: विकास क्षेत्र हरिहरपुररानी के केवलपुर के कसियापुर गांव में संक्रामक बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। चार लोगों की बीमारी से मौत हो चुकी है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की तंद्रा नहीं टूटी है। शुक्रवार के अंक में 'दैनिक जागरण' ने 'संदिग्ध बुखार से 25 लोग बीमार, चार की मौत' शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद शनिवार को स्वास्थ्य टीम तो गांव में पहुंची, लेकिन दवा के बदले जांच कर सिर्फ आश्वासन देकर टीम लौट आई। रविवार को दवा वितरण कराने का भरोसा दिलाया गया है।

विकास क्षेत्र के कसियापुर गांव में लगभग 15 दिनों से संक्रामक बुखार फैला हुआ है। मयाराम (50) व उनके पिता (75) के अलावा सुखराम की मां व अजय श्रीवास्तव के छह माह की बेटी की बीमारी से मौत हो चुकी है। इससे गांव के लोग काफी सहमे हुए हैं। संक्रामक बुखार एक के बाद एक घर में दस्तक दे रहा है। गांव के लगभग हर परिवार में लोग बीमारी के चपेट में हैं। गरीब परिवार स्थानीय स्तर पर झोला छाप व नीम हकीम के सहारे इलाज कराने को विवश हैं। 'दैनिक जागरण' में खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निंद्रा तो टूटी, लेकिन इलाज के नाम पर मरीजों को सिर्फ आश्वासन का मरहम ही मिल सका। ग्राम प्रधान अजय यादव की मौजूदगी में कसियापुर गांव पहुंची स्वास्थ्य टीम ने बीमार लोगो का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान बुखार, शरीर व सिर दर्द के 30 मरीज मिले। टीम ने मरीजों का नाम रजिस्टर में दर्ज किया। स्वास्थ्य टीम में डॉ. शरद, डॉ. ओम प्रकाश वर्मा व फार्मासिस्ट प्रदीप कुमार ओझा शामिल थे। डॉ. शरद ने बताया कि कसियापुर से पहले भागलपुर गांव में 15 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं बांटी गई हैं। कसियापुर में बुखार के 30 मरीज मिले हैं। जांच के लिए ब्लड सैंपल लिया गया है। कुछ लोगों को दवाएं भी दी गई हैं। खून की जांच के बाद रविवार को पुन: दवा वितरित किया जाएगा।

Posted By: Jagran