राजीव गुप्ता, श्रावस्ती: जानकारी ही बचाव है। चिकित्सा विज्ञान के इस मूलमंत्र को सेहत महकमे ने पूरी तरह से आत्मसात कर लिया है। जिसके चलते आमजन को मौसम में होने वाले बदलाव के साथ ही पनपने वाले विभिन्न तरह के संक्रामक रोगों के प्रति जागरूक करने के लिए विभाग पूरी तरह से तैयार हो गया है। इस क्रम में जिले के संयुक्त जिला चिकित्सालय में फीवर हेल्प काउंसिलिग डेस्क का गठन किया गया है। इस डेस्क पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी यहां आने वाले मरीजों को इन रोगों के प्रति जागरूक करते हुए बीमारियों के कारण, लक्षण और बचाव की जानकारी देंगे।

इस व्यवस्था के बाद अब जेई, एईएस, वायरल आदि बुखार और संक्रामक रोगों के मरीजों को डॉक्टर को दिखाने, दवा लेने और पैथालॉजी में जांच कराने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। हेल्प काउंसिलिग डेस्क पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी रोगी को डॉक्टर के पास ले जाकर स्वास्थ्य परीक्षण और उन्हें दवा भी दिलाने में मदद करेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने मौसम के मिजाज को देखते लोगों को संक्रामक रोगों के प्रति जागरूक करने के लिए यह नई व्यवस्था

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ऐसे काम करेगी हेल्प डेस्क -

इस डेस्क पर दो पैरामेडिकल स्टाफ अथवा स्वास्थ्य पर्यवेक्षक की तैनाती की जाएगी। यह स्वास्थ्य कर्मी यहां आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को संक्रामक रोगों के साथ ही वेक्टर जनित डेंगू एवं अन्य बुखार के बारे में जानकारी देंगे। यह स्वास्थ्य कर्मी बताएंगे कि किस बीमारी अथवा बुखार में क्या सावधानी बरतनी चाहिए, उनके लक्षण क्या हैं, यह बीमारियां क्यों होती हैं, और इनसे किस तरह से बचाव किया जाए। क्या कहते हैं जिम्मेदार-

उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश मातनहेलिया ने बताया कि संयुक्त जिला चिकित्सालय में हेल्प डेस्क ने काम करना शुरू कर दिया है। इन पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी मरीजों की मदद करने के साथ ही बुखार और डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारियां भी दे रहे हैं।

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