श्रावस्ती : तराई में राप्ती ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। पानी का बहाव तेज होने से जमुनहा व इकौना क्षेत्र में नदी तेजी से कटान कर रही है। मल्हीपुर-भिनगा मार्ग पर मधवापुर पुल को जोड़ने वाली सड़क को नदी अपनी धारा में समाहित करने को बेताब है। सड़क कटी तो करोड़ों की लागत से बना पुल निष्प्रयोज्य हो जाएगा और जमुनहा तहसील के लोग जिला मुख्यालय से कट जाएंगे। सड़क को बचाने के लिए प्रभावी प्रयास न होने से स्थानीय लोग व्यथित हैं।

जमुनहा तहसील की शुरुआत होने के बाद क्षेत्रवासियों की ओर से तहसील मुख्यालय को जिला मुख्यालय भिनगा से जोड़ने के लिए मधवापुर घाट पर पुल बनाने की मांग की थी। वर्ष 2015 में नदी पर पुल बनकर तैयार होने के बाद आवागमन बहाल हुआ तो क्षेत्र के लोगों को काफी राहत हो गई। पुल के रास्ते जमुनहा से भिनगा पहुंचने में लगभग 40 किलोमीटर की दूरी कम हो गई। अब राप्ती की क्रूर लहरें पुल को जोड़ने वाली सड़क को अपने आगोश में लेने को बेताब दिख रही है। भजोरेपुरवा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता बंशीलाल यादव, शिकारी चौड़ा के कुलदीप वर्मा, दंदौरा के सत्यनरायण यादव, कथरामाफी के रामकुमार वर्मा, पूर्व जिपं सदस्य प्रहलाद सिंह, भाजपा नेता महेश मिश्रा ओम आदि लोगों का कहना है कि कटान पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। ग्रामीणों ने सड़क को बचाने के लिए एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा है। एसडीएम आरपी चौधरी ने बताया कि मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। यह रहा नदी का हाल

समय जलस्तर

सुबह आठ बजे 127.40

दोपहर 12 बजे 127.55

दोपहर तीन बजे 127.55

खतरे का निशान 127.70

Posted By: Jagran

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