श्रावस्ती: मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल, मुख्यमंत्री हेल्प लाइन 1076, आइजीआरएस, समाधान दिवस, संपूर्ण समाधान दिवस व अधिकारियों की दैनिक जन सुनवाई। शासन की ओर से तय किए गए इन पटलों पर आम आदमी उम्मीद के साथ अपनी फरियाद पहुंचाता है। लेकिन सरकारी कार्य प्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है। शिकायतों पर घर बैठे झूठी रिपोर्ट लगा कर कर्तव्यों से इतिश्री किया जा रहा है। नजीर के तौर पर यह हैं चंद मामले-

केस एक-

हरिहरपुररानी ब्लॉक के पटना खरगौरा गांव निवासी राधेश्याम पांडेय ने तहसील दिवस में शिकायती पत्र देकर बताया कि पटना-दत्तनगर संपर्क मार्ग पर बनी पुलिया पर अतिक्रमण कर एक व्यक्ति ने आवास बना लिया है। जलनिकासी बाधित होने से सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न रहती है। जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत संख्या 3009231700653 से अपलोड किया गया। एक्सईएन पीडब्ल्यूडी ने इस पर रिपोर्ट लगाया कि पुलिया खोलवा दिया गया है। लेकिन पुलिया पर अतिक्रमण यथावत है।

केस दो-

गिलौला ब्लॉक के जानकीनगर गांव निवासी मनोज कुमार मिश्र ने अधूरे नाली निर्माण से परेशानी व पूरा पैसा निकाल कर भ्रष्टाचार करने की शिकायत पोर्टल पर की। जनसुनवाई संख्या 4018118000109 से इसे दर्ज किया गया। बीडीओ ने बजट मिलते ही निर्माण शुरू करने का आश्वासन देते हुए 19 जनवरी 2018 को इसे निस्तारित किया। एक वर्ष बाद भी काम शुरू न होने पर जनसुनवाई संदर्भ संख्या 40018118014766 से पुन: शिकायत की गई। इस बार स्थल को विवादित बता दिया गया। पुन: शिकायत पर जेई ने जांच की। अनियमितता पुष्ट हुई, लेकिन 40018118013389 संदर्भ संख्या की शिकायत के निस्तारण में नाली निर्माण के प्रस्ताव को ही खारिज कर दिया गया।

केस तीन-

हरिहरपुररानी ब्लॉक के अमवा रंजीतपुर गांव निवासी प्रवीन मिश्र ने शिकायत संख्या 4018118006603 से गांव में खड़ंजा निर्माण में घटिया ईंटों का प्रयोग करने की अर्जी दी। लेकिन शिकायत को पढ़ा ही नहीं गया। बीडीओ ने लिखा कि जांच में यह पाया गया है कि शिकायतकर्ता का घर पक्का बना है। यह आवास पाने के पात्र नहीं हैं। इस प्रकार निस्तारण हो गया। बोले जिलाधिकारी -

श्रावस्ती : शिकायतों के निस्तारण में कमियां रहने का मामला संज्ञान में है। शिकायतकर्ताओं को फोन करवाकर निस्तारण की जांच कराई जाती है। ऐसे मामले मिलने पर जिम्मेदार को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जा रही है। इन मामलों को भी संज्ञान में लेकर कार्रवाई की जाएगी।

-दीपक मीणा, जिलाधिकारी, श्रावस्ती।

Posted By: Jagran

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