श्रावस्ती : इंटरनेट व मोबाइल का नेटवर्क न होने से आधुनिक संचार युग में भी सिरसिया विकास क्षेत्र के आदिवासी थारू बहुल्य भचकाही, मोतीपुरकला, रनियापुर समेत कई गांव देश-दुनिया से कटे हुए हैं। टावर न होने से यहां मोबाइल फोन खिलौना बने रहते हैं। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत गांव में टावर लगने की स्वीकृति मिलते ही यहां के लोग खुशी से झूम उठे।

विकास क्षेत्र के भचकाही, रनियापुर, मोतीपुर कला, रवलपुर व बनकटी व अन्य थारू गांवों की आबादी हजारों में है। इन गांवों के आसपास किसी भी मोबाइल कंपनी का टावर नहीं लगा है। नेटवर्क की समस्या के चलते गांव में न तो इंटरनेट की सेवाएं मिल पाती हैं और न ही मोबाइल फोन यहां काम करता है। संचार के इस युग में जब एक क्लिक पर दुनियाभर की सूचनाएं घर बैठे मिल रही हैं तो ऐसे समय में भी थारू बहुल्य गांव देश-दुनिया से कटे रहते हैं। ग्राम प्रधान खुशीराम व बीडीसी अवधेश कुमार ने बताया कि डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत भारत सरकार की ओर से भचकाही गांव में एयरसेल का टावर लगाने की स्वीकृति मिल चुकी है। जल्द ही इसका सर्वे कार्य भी शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि एयरसेल का टावर लगने से यहां नेटवर्क की समस्या समाप्त हो जाएगी। लोगों में उम्मीद जगी है कि आदिवासी गांवों के लोग भी अब आधुनिक संचार प्रणाली से जुड़ जाएंगे। ईश्वरदीन चौधरी व प्रताप नरायन ने बताया कि नेपाल सीमा पर स्थित इस गांव में टावर लगने से संचार सेवाओं का मुकम्मल लाभ मिलेगा।

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