शामली, जागरण टीम। अखिल भारतीय प्रधान संगठन के तत्वावधान में ग्राम प्रधानों ने शनिवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर अपने हकों के लिए खूब हुंकार भरी। प्रधानों ने दो टूक कहा कि सहायक कम डाटा एंट्री आपरेटर, शौचालय केयर टेकर के मानदेय की व्यवस्था राज्य सरकारों को खुद करना चाहिए। ग्राम पंचायतों के बजट का इस्तेमाल यदि इन व्यवस्थाओं पर किया गया तो ग्रामीण विकास कार्य बाधित हो जाएगा। इस दौरान विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर संदीप कुमार को सौंपा गया।

शनिवार को अखिल भारतीय प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष धीरजराज बोबी के नेतृत्व में ग्राम प्रधान कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां ग्राम प्रधानों ने कहा कि साल 1993 में 73 वें संविधान विधेयक के तहत 29 विषय व उनसे जुड़े अधिकतर का कार्य और पंचायत कर्मियों को पंचायतों को सौंप कर सत्ता विकेंद्रीकरण की आदर्श व्यवस्था को लागू किया जाना चाहिए। जिलाध्यक्ष धीरजराज बोबी ने कहा कि जिले में एक माह में एक बार डीएम व एसपी की अध्यक्षता में पंचायत दिवस का आयोजन किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे काफी समस्याओं का त्वरित समाधान हो जाएगा।

इसके तहत जिले की समस्त पंचायतों में एक बार पंचायत दिवस मनाया जाए। वहीं, पंचायत से जुड़े राजस्वकर्मी, पंचायतकर्मी, आंगनबाडी, राशन व सरकारी स्कूल के अध्यापकों की उपस्थिति कार्य प्रमाणन निलंबन की संस्तुति समेत विभिन्न मामलों में पंचायतों को पूर्ण अधिकारी प्रदान किए जाए। जिला योजना समिति में भी प्रधानों को महत्व मिलना चाहिए। इसके साथ ही अन्य विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग भी की गई। इस अवसर पर गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन वीर सिंह मलिक, संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सतेंद्र बालियान, बोबी प्रधान, बिल्लू प्रधान, ऋषिपाल प्रधान, राशिद गंगेरू प्रधान, पिकी प्रधान, अंकुर व अनिल प्रधान उपस्थित रहे।

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