शामली, जागरण टीम। विजयादशमी का पर्व शुक्रवार को हर्षाेल्लास के साथ मनाया जाएगा। घरों में पायता पूजन होगा और शाम को जिले में पांच स्थानों पर रावण, कुंभकरण, मेघनाथ के पुतलों का दहन होगा।

विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व है। इसी दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था तो मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया था। घरों में होने वाली पूजा में गन्ने को भी रखा जाता है। गांवों से काफी किसान बुग्गी-ट्राली में गन्ना लेकर गए थे, जिनकी खूब बिक्री हुई।

ज्योतिषाचार्य पंडित प्रभुशंकर शास्त्री ने बताया कि गुरुवार शाम 6.52 बजे से दशमी तिथि शुरू हो गई है, जो शुक्रवार को शाम 6.02 बजे तक रहेगी। पूजन विजय मुहूर्त में श्रेष्ठ माना जाता है। यह मुहूर्त शुक्रवार को सुबह 11.43 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक है। दशहरे पर मां अपराजिता, शमी वृक्ष के पत्तों और शस्त्रों का पूजन भी किया जाता है। वहीं, कैराना, कांधला, जलालाबाद, हसनपुर लुहारी में रावण, कुंभकरण, मेघनाथ के पुतलों का दहन होगा। कांधला में भंडारे का आयोजन

संवाद सूत्र, कांधला : क्षेत्र के गांव फजलपुर में माता के नवरात्र पूरे होने पर दुर्गा मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया।

गुरुवार को सुबह मंदिर में पंडित ने यज्ञ कर पूजन किया। उसके बाद नौ कन्याओं को भोजन कराने के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। नवरात्र के पावन दिनों का हिदू धर्म में विशेष महत्व होता है। इन नौ दिनों में मां के भक्त उपवास रखते हैं। मन में भक्ति भाव रखते हुए पूजा-अर्चना करते है। भाजपा नेता पूर्व कैबिनेट मंत्री एमएलसी वीरेंद्र सिंह सहित दर्जनों लोग हवन-पूजन में मौजूद रहे।

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