शामली, जागरण टीम। कलस्टर की व्यवस्था के तहत गांवों में टीकाकरण वैक्सीन की कमी के चलते बंद है। कब शुरू होगा, यह भी अभी नहीं पता है। हालांकि जिले में टीकाकरण प्रतिदिन हो रहा है और अब स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में बूथ बढ़ाने शुरू किए हैं।

21 जून को थानाभवन और कांधला ब्लाक के दस-दस गांवों के दो कलस्टर में टीकाकरण के लिए विशेष अभियान का ट्रायल रन हुआ था। विशेष अभियान का मकसद यही है कि गांवों में भी अधिक से अधिक लोगों को कोरोनारोधी वैक्सीन लग जाए। इस व्यवस्था में पहले से कोविन पोर्टल पर पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती है और मौके पर ही टीकाकरण होता है। एक जुलाई से वृहद अभियान शुरू होना था, लेकिन इस माह में कुछ दिन ही कलस्टर के गांवों में टीकाकरण हुआ। योजना यह थी कि सभी ब्लाक में कलस्टर बनाकर 18 से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को टीके लगाए जाएंगे, लेकिन जिले को वैक्सीन कम ही मिल रही है। ऐसे में अक्सर बूथ भी कम करने पड़ते हैं।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. राजकुमार सागर ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्रों पर भी वैक्सीन की उपलब्धता के हिसाब से बूथ बनाए जाते हैं। ऐसे गांवों में भी टीकाकरण कराया जा रहा है, जहां पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। कभी किसी गांव में तो कभी किसी गांव में टीकाकरण हो रहा है। कलस्टर के तहत विशेष अभियान तभी चल सकेगा, जब काफी मात्रा में वैक्सीन मिलनी शुरू हो जाएगी। अगर अभी कलस्टरों में वैक्सीन लगाना शुरू कर दिया तो पूरी व्यवस्था गड़बड़ हो जाएगी। वहीं, डांगरौल गांव निवासी राजन जावला का कहना है कि सीएमओ से गांवों में टीकाकरण के संबंध में बात की गई, लेकिन यही कहा गया है कि अभी वैक्सीन कम है। ऐसी स्थिति में तीसरी लहर आने से पहले बड़ी आबादी को कैसे टीका लग सकेगा। बतादें कि जिले की कुल आबादी 15 लाख के करीब है। 2.46 लाख लोगों को पहली और 54 हजार से अधिक लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है।

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