शामली: यूपी सरकार के आम बजट-2018 पर सूबे की निगाहें टिकी है। योगी सरकार पूरी तैयारी में है कि जनता की उम्मीदों का बजट खरा उतर सके। शामली जिले का प्रत्येक शख्स यहीं चाहता है कि बजट में जिले के लिए कुछ खास हो। जिले के विकास की रफ्तार तेज हो। जिले के बा¨शदों को तरक्की, मूलभूत सुविधाओं और महिलाओं को सुरक्षा की दरकार है। उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ जिले के सरकारी भवनों को बजट मिलना चाहिए, ताकि जिला अपने पैरों पर खड़ा हो सके। दंगों से बाद मंदी की मार झेल रहे रियल एस्टेट और बेरोजगारों की उम्मीदों को भी पंख लगेंगे। यही जनपदवासियों की आस है।

साल 2011 को नवसृजित जिला शामली अपने पैरों पर खड़ा भी नहीं हो सका था कि 2013 में दंगों की आग ने सब जला कर स्वाहा कर दिया। जिले के उद्योग, रियल एस्टेट, बिजली, सड़क, पानी और रोजगार देने वाली इंडस्ट्रीज पर इसका सर्वाधिक फर्क पड़ा। इसके बाद नोटबंदी ने भी कारोबार पर व्यापक प्रभाव डाला। जीएसटी से भी कारोबार की रफ्तार कुछ कम हुई। सूबे में योगी सरकार बनने के बाद कुछ हालात सुधरने की उम्मीद जताई जा रही है। जिले के लोगों को आम बजट से आस है कि जिले में इंडस्ट्रीज की संख्या में बढ़ोतरी होनी चाहिए। शामली का रिम-धुरा उद्योग विदेशों तक प्रचलित था, लेकिन धीरे-धीरे यह उद्योग समाप्त होता जा रहा है। हालांकि इसे वन डिस्ट्रिक, वन प्रोजेक्ट में चयन किया गया है, इसके बाद भी यहां उद्योगों को बढ़ावा देने की दरकार है और नए उद्योग स्थापित करने के लिए जटिल प्रक्रिया को सरल करने की जरूरत है। जिले में कई उद्योग सुविधाओं के अभाव में बंद हो चुके है। यहां विभागों की बि¨ल्डग न होने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि कलेक्ट्रेट के लिए चयनित भूमि पर कार्य चल रहा है। यहां बीएसए कार्यालय का उदघाटन भी हो चुका है, लेकिन विभिन्न विभाग अभी नहीं बने है। इनके लिए बजट के साथ निर्माण कार्य तेजी से चलना चाहिए। इसके लिए बड़े बजट की जरूरत है। यह एकमुश्त जारी हो जाए तो तेजी से काम होगा। लोगों की मांग है कि इस बजट में स्कूल, कॉलेजों में नकद डोनेशन पर पाबंदी लगनी चाहिए। डोनेशन जरुरी हो तो अकाउंट चेक से ही देय हो। इसके साथ जिले में मंदी से जूझ रहे रियल एस्टेट को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है। छात्र-छात्राओं की भारी भरकम फीस में कमी और बेरोजगारों के लिए सरकार को उचित कदम उठाने की जरूरत है। शामली में गन्ना किसानों के लिए उनके भुगतान, गन्ना मूल्य के साथ ही दूसरी फसलों की खेती करने वाले किसानों को भी बजट में ढेरों उम्मीद है।

दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे व बागवानी के लिए मिलेगा बजट

जिले से होकर गुजरने वाली दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे का बुरा हाल है। यहां बड़े बड़े गड्ढे ¨जदगी लील रहे है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है। जनता की इस मांग पर सरकार ध्यान देगी। हालांकि दावा है कि इसे नेशनल हाईवे घोषित किया जा चुका है, लेकिन तत्काल में इसके मरम्मत की आवश्यकता है। इसके साथ ही बागवानी की योजनाएं भी होंगी। इसके साथ ही गन्ने के अलावा अन्य फसलों पर भी ध्यान दिया जाएगा।

Posted By: Jagran