शामली, जेएनएन। प्रदूषण को नियंत्रित करने में हरियाली की अहम भूमिका है। शहर में दो पार्क हैं, लेकिन हरियाली नहीं है। कुछ ही छोटे-छोटे पौधे हैं। पार्क छोटे जरूर हैं, लेकिन हरियाली तो बढ़ाई जा सकती है।

पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से हर साल लाखों पौधे लगाए जाते हैं। हालांकि देखरेख के अभाव में आधे भी बमुश्किल पनपते हैं। आबादी के बीच में पार्कों की हरियाली शहर के लिए फेफड़ों का काम करती है। शामली शहर में गांधी और अटल दो पार्क हैं। पार्क छोटे हैं, लेकिन दोनों व्यायामशाला बनाई गई है। सुबह-शाम काफी लोग यहां आते हैं। हालांकि कोरोनाकाल में संख्या अधिक नहीं रहती है। लेकिन पार्क में हरियाली नहीं है। कुछ पौधे लगाए गए हैं, लेकिन छोटे ही हैं। साथ ही कुछ देखरेख के अभाव में दम तोड़ चुके हैं। सर्दियों में वायु प्रदूषण काफी बढ़ जाता है। पिछले कई दिनों से स्माग छाया हुआ है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र यादव ने बताया कि पार्काें का रखरखाव अच्छे से किया जा रहा है। पार्क छोटे हैं, लेकिन उनमें ही हरियाली बढ़ाई जाएगी। शहर में कोई बड़ा पार्क विकसित करने के लिए जगह नहीं है। रेलपार में एक तालाब है और तालाब का सौंदर्यकरण व पार्क विकसित करने का प्रस्ताव अमृत योजना के तहत दिया हुआ है। लेकिन अभी स्वीकृति नहीं मिली है।

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