शामली जेएनएन। गन्ने के जाम ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। दो दिन से शहर में गन्ने से लदे वाहनों की कतार लगी हुई है और शहर जाम है। जाम में एंबुलेंस भी फंसी और दोपहर में स्कूली वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे। जाम का असर सिर्फ मिल के आसपास नहीं, पूरे शहर में है। पैदल चलना भी मुश्किल है। मिल सुचारू रूप से चल रहा है और गन्ने की आवक बढ़ने को ही जाम का कारण बताया जा रहा है।

वैसे तो शायद ही कोई ऐसा दिन होता है, जब शामली में जाम न लगता हो। पेराई सत्र में जाम की समस्या विकराल हो जाती है। बुधवार दोपहर में मिल गेट से लेकर सुभाष चौक, हनुमान धाम रोड, वर्मा मार्केट तक गन्ना लदे ट्रैक्टर-ट्रालियों की कतार लग गई थी। रातभर यही स्थिति रही। गुरुवार सुबह जब सड़कों पर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई तो जगह-जगह जाम लगने लगा। सबसे अधिक दिक्कत अग्रसैन चौक, हनुमान तिराहा, वीवी इंटर कॉलेज रोड, वर्मा मार्केट तिराहे पर हुई। सुबह के वक्त बारिश हुई तो गन्ना लेकर आने वाले किसानों की संख्या में कमी आई। लेकिन बारिश रुकते ही फिर से गन्ने की आवक बढ़ गई। इससे फिर जाम लगा गया। गन्ने के वाहन भले ही एक साइड में खड़े रहे हों, लेकिन साइड से दूसरे वाहनों का निकलना मुश्किल रहा। बड़े वाहन रेंग-रेंगकर निकले और ऐसे में जाम लग गया। हनुमान धाम रोड पर तो ये स्थिति रही कि बाइक निकालनी भी मुश्किल थी। पैदल चलने वालों को भी जगह नहीं मिली। दोपहर में स्कूलों की छुट्टी के वक्त समस्या और बढ़ गई। धीमानपुरा फाटक से वीवी इंटर कॉलेज तक पहुंचने में वाहन सवारों को एक घंटे से भी अधिक समय लगा। शाम को जब दफ्तरों की छुट्टी हुई तो फिर से वही स्थिति बन गई। शादियों का सीजन शुरू हो चुका है तो सड़कों पर चौपहिया वाहन अन्य दिनों के मुकाबले अधिक हैं। वहीं, मिल रोड और कोतवाली के पास गन्ना लदे ट्रैक्टर-ट्रालियों की दो-दो लाइन रही। ऐसे में किसी चौपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया।

बारिश की वजह से बढ़ी गन्ने की आवक

अपर दोआब चीनी मिल की ओर से 50 से 55 हजार कुंतल प्रतिदिन के हिसाब से गेट का इंडेंट जारी किया जाता है। मिल के महाप्रबंधक (गन्ना) डा. कुलदीप सिंह पिलानिया का कहना है कि इंडेंट उतना ही जारी किया जा रहा है। बारिश होने पर गन्ने की छिलाई, कटाई के साथ ट्रॉली भरने का काम भी प्रभावित होता है। खेतों में पानी भरा होता है तो गन्ना भरने पर धंसने का खतरा रहता है। बारिश के आसार को देखते हुए अधिक किसान गन्ना लेकर आ रहे हैं। ऐसे में थोड़ी दिक्कत बनी हुई है।

अतिक्रमण पर ध्यान नहीं

मुख्य मार्गो पर दुकानदारों ने अतिक्रमण किया हुआ है। साथ ही रेहड़ी वाले भी खड़े होते हैं। इसके अलाव शहर में पार्किग का कोई इंतजाम नहीं है और सड़क किनारे ही वाहन पार्क कर दिए जाते हैं। ऐसे में अगर गन्ने के वाहन एक लाइन में खड़े होते हैं तो भी दूसरे वाहनों को निकलने में दिक्कत रहती है। जिम्मेदारों का अतिक्रमण पर कोई ध्यान नहीं है और ऐसे में शहर के लोग परेशान हैं।

दुकानदार भी परेशान

गन्ने के जाम से दुकानदार भी परेशान हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास का कहना है कि दो दिन से शहर जाम है। जाम में ग्राहक दुकानों पर रुकता ही नहीं। काफी लोग घर से बाजार जाने के लिए निकलते हैं, लेकिन जाम को देखकर लौट जाते हैं। व्यापार भी प्रभावित होता है। प्रशासन और पुलिस से कई बार मांग कर चुके हैं लेकिन इस समस्या का कोई हल नहीं निकला जा रहा है।

Posted By: Jagran

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