कैराना: नगर में बायोटेक कंपनी के पंपों पर फर्जीवाड़े का मामला समाचार पत्रों की सुर्खियां बनने के बाद भी संबंधित विभाग के अधिकारियों की निद्रा नही टूटी। तीन माह से चल रहे गोरखधंधे पर प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई करना मुनासिब नही समझा। गठित की गई जांच टीम की कार्रवाई अभी तक शून्य है। वहीं, अवैध पंप स्वामियों के हौसले बुलंद होने के कारण नगर में आधा दर्जन पंप संचालित करने के लिये निर्माणधीन है।

नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई माह से पूर्ति अधिकारी व डीएसओ की मिलीभगत से बायोटेक पंपों पर बड़ा फर्जीवाड़ा किया जा रहा था और परमिशन के नाम पर प्रशासन व आम जनता को भ्रमित कर काले कारोबार से मोटा मुनाफा कमाया जा रहा था। संबंधित विभाग के अधिकारियों से सेटिग कर बायोटेक कंपनी के पेट्रोल पंपों की आड़ में जो खेल खेला गया है उससे सरकार को लाखों की राजस्व हानि हुई है। फर्जीवाड़े का समाचार प्रमुखता के साथ प्रकाशित होने पर प्रशासनिक अधिकारी जागे और पूरे मामले की जांच कराने के लिए चार सदस्य टीम का गठन कर दिया गया। लेकिन अभी तक जांच टीम की कार्रवाई शून्यहै। जो अपने आप में कई सवाल खड़े करती है। सूत्र बताते हैं कि बायोटेक कंपनी के पेट्रोल पंपों पर कार्रवाई न करने के पीछे अधिकारियों का बड़ा फीलगुड होना चर्चाओं में है। यही कारण है कि अफसर कोई कार्यवाही करने से कतरा रहे हैं। ऐसे में कार्रवाई व अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे है। बेजान हो गई बायोटेक मशीन

पूर्ति विभाग की शह पर तेल उगलने वाली बायोटेक मशीनें फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद कुछ बेजान खड़ी हुई हैं। क्षेत्र के गांव भूरा में कार्यवाही के खौफ से पंप संचालकों ने मशीन उखाड़कर घर में कैद कर दी है। वहीं तितरवाडा में प्लास्टिक की पन्नी ओढ़ाकर उसे प्लास्टिक का पुतला बना दिया गया है। उधर नगर के ईदगाह रोड पर स्थित बायोटेक पेट्रोल पंप पर लगायी मशीन के पाईपों का भी पूरी तरह से हलक सूख चुका है और बेजान खड़ी हुई है। प्रस्तावित पम्पों पर बिना रोक टोक निर्माण कार्य शुरू

बायोफ्यूल कंपनी के संचालित पम्पों पर मिलावट व फर्जीवाडा सामने आने के बाद नगर एवं क्षेत्र में आधा दर्जन प्रस्तावित पंपो पर ब्रेक नही लग रहे है। बताया जाता है कि नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में आधे दर्जन से अधिक पेट्रोल पंप प्रस्तावित थे। उनकी भी तैयारी पूर्ण कर ली गई है।

Posted By: Jagran