शामली, जेएनएन। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का नाम लिए बगैर राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि कुछ लोग संविधान के नाम पर हिंसा फैलाने का काम रहे हैं, जो असंवैधानिक है। देश में सामाजिक अराजकता फैलाने का काम भी किया जा रहा है। संविधान के मूल कर्तव्यों में ङ्क्षहसा से दूर रहना भी शामिल है, लेकिन लोगों को मौलिक अधिकार तो याद रहते हैं, पर कर्तव्य नहीं। दिक्कत ये है कि संविधान विरोधी काम करने में कोई हिचक महसूस नहीं हो रही है और लोग इसे अधिकार बता रहे हैं। मंगलवार को राज्यपाल झिंझाना रोड स्थित अपना घर आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।

कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल कलराज मिश्र ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने इसके बाद उपस्थित लोगों से अपने-अपने स्थान पर खड़ा होने की अपील की और संविधान की उद्देशिका और मूल्य कर्तव्य का वाचन किया। कहा कि वह अपने प्रत्येक कार्यक्रम में इनका वाचन करते हैं। हम अपने मौलिक अधिकारों के बारे में तो जानते हैं, लेकिन कर्तव्यों के बारे में अधिक लोगों को जानकारी नहीं है। मूल कर्तव्यों को भी अपने व्यक्तित्व में लाया जाए। जैसे धर्म के ग्रंथ होते हैं, वैसे ही हमारे देश का पवित्र ग्रंथ संविधान है। अगर कहीं भी ये लगे कि संविधान के खिलाफ काम हो रहा है तो खुलकर बोले। कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। पीड़ा तब होती है, जब लोगों को संविधान के विरुद्ध काम करने में भी हिचक नहीं होती। ये लोग कभी कर्तव्यों की बात नहीं करते हैं। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा व कुपवाड़ा से छात्रों का एक दल राजस्थान में भ्रमण के लिए आया हुआ था। इनके साथ सीआरपीएफ के अफसर भी थे। राजभवन में उन्हें बुलाकर भेंट की और उन्हें भी संविधान के बारे में बताया। वह काफी खुश नजर आए। इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा, राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, विधायक शामली तेजेंद्र निर्वाल, भाजपा जिलाध्यक्ष शामली सतेंद्र तोमर, भाजपा जिलाध्यक्ष मुजफ्फरनगर विजय शुक्ला, भरतपुर से आए अपना घर आश्रम के संस्थापक डॉ. बीएम भारद्वाज, पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल, अपना घर आश्रम शामली के अध्यक्ष रघुवीर सिंह आर्य, सचिव अशोक कुमार गर्ग, पूर्व विधायक सोमांश प्रकाश, पूर्व आइजी विजय गर्ग आदि मौजूद रहे। 

Posted By: Prem Bhatt

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