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दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर बना रेस ट्रैक, स्पीड @220; रफ्तार का यह जुनून दे रहा मौत को दावत

By Akash Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 13 Oct 2026 12:28 PM (IST)

दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर पर कई वाहन चालक 220 किमी/घंटा तक की रफ्तार से गाड़ी चला रहे हैं, जबकि गति सीमा ...और पढ़ें

दिल्ली-देहरादून इकानोमिक काॅरिडोर पर ओवरस्पीड वाहनों का चालान करते यातायात पुलिसकर्मी दीपक। जागरण

दिल्ली-देहरादून इकानोमिक काॅरिडोर पर ओवरस्पीड वाहनों का चालान करते यातायात पुलिसकर्मी दीपक। जागरण

HighLights

  1. दो महीने में 2,500 वाहनों के ओवर स्पीड पर चालान।

  2. वीकेंड पर ओवरस्पीडिंग की घटनाएं अधिक हो रहीं।

आकाश शर्मा, शामली। दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर पर रफ्तार का जुनून वाहन चालकों पर इस कदर हावी है कि उन्हें न नियमों की परवाह है और न ही हादसों के खतरे की। सफर को सुगम और आरामदायक बनाने वाले इस आधुनिक  कॉरिडोर पर कुछ चालक अपनी और दूसरों की जिंदगी दाव पर लगाकर फर्राटा भर रहे हैं।

यहां वाहनों की रफ्तार 220 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच रही है। पिछले दो महीने में यातायात पुलिस ने शामली क्षेत्र में ओवरस्पीड करने वाले 2,500 वाहनों के चालान किए गए। इसके लिए पुलिस इंटरसेप्टर लेजर स्पीड गन का इस्तेमाल कर रही है।

इकानोमिक कॉरिडोर पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। इसके बावजूद वाहन चालक 170 से 220 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से वाहन दौड़ा रहे हैं। इनमें ज्यादातर लग्जरी गाड़ियां शामिल हैं। जरा सी जल्दबाजी या एक छोटी सी चूक कभी भी बड़े सड़क हादसे का सबब बन सकती है।

टीएसआइ लाल विराट भारद्वाज ने बताया कि शामली पुलिस ने दो महीनों में काॅरिडोर पर ओवरस्पीड पर 2,500 वाहनों के चालान किए हैं। जिलेभर में कुल ओवरस्पीड के पांच हजार वाहनों पर कार्रवाई करते हुए उन पर पांच लाख 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ओवरस्पीड पाए जाने पर बड़े वाहनों का चार हजार रुपये और छोटे वाहनों का दो हजार रुपये का चालान किया जा रहा है।

वीकेंड पर अधिक हुए चालान

पुलिस जांच से स्पष्ट हुआ है कि वीकेंड के दौरान ओवरस्पीड की घटनाएं बढ़ जाती हैं। शुक्रवार और शनिवार को दिल्ली की ओर से देहरादून जाने वाले वाहनों में रफ्तार का जुनून सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। वीकेंड पर घूमने-फिरने की जल्दी में चालक नियमों को दरकिनार कर गाड़ियां दौड़ाते हैं।

वहीं, रविवार रात और सोमवार सुबह देहरादून से दिल्ली लौटने वाले वाहनों की गति सबसे ज्यादा पाई जाती है। दफ्तर और कारोबार के सिलसिले में समय पर पहुंचने की होड़ में रफ्तार की सीमा टूटती नजर आती है।