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शामली में पुलिस और राजस्व टीम के सामने युवक ने खुद को लगाई आग, मौके पर मची अफरातफरी

By Anuj Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 18 Aug 2026 07:15 PM (IST)

शामली के गोहरनी गांव में भूमि विवाद के दौरान पुलिस और राजस्व टीम के सामने एक युवक ने खुद पर ...और पढ़ें

शामली के गांव गोहरनी में युवक का आत्मदाह का प्रयास। वीडियो ग्रैब

शामली के गांव गोहरनी में युवक का आत्मदाह का प्रयास। वीडियो ग्रैब

HighLights

  1. कोर्ट के आदेश पर जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंची थी राजस्व टीम

  2. गंभीर रूप से झुलसा युवक दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर।

जागरण संवाददाता, शामली। गांव गोहरनी में न्यायालय के आदेश पर बुजुर्ग विधवा महिला को भूमि का कब्जा दिलाने पहुंची पुलिस और राजस्व टीम के सामने ही विपक्षी पक्ष के एक युवक ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। इससे मौके पर अफरातफरी मच गई। 

टीम उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन बर्न यूनिट न होने के कारण युवक को सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।

गांव गोहरनी निवासी वीरबाला पत्नी स्व. रामनरेश और दूसरे पक्ष के मनोज के बीच वर्ष 2013 से दीवानी न्यायालय में एक बीघा भूमि विवाद का प्रकरण विचाराधीन था। कुर्रे बंदी के आदेश के बाद वीरबाला पक्ष काबिज भी चला आ रहा था। आरोप है कि अब मनोज पक्ष ने बंद पड़े मुर्गी फार्म और आसपास की जमीन को अपनी सीमा में मिला लिया।

मामले में अदालत की अंतिम डिक्री के पालन में एसडीएम सदर के आदेश पर नायब तहसीलदार अमन कुमार के नेतृत्व में संयुक्त राजस्व और पुलिस टीम को सोमवार को भूमि कब्जा मुक्त कराने के लिए भेजा गया था। कार्रवाई के दौरान जब टीम पहुंची तो विरोध की स्थिति बन गई। इसी बीच प्रशासनिक और पुलिस बल के सामने ही मनोज के पुत्र आदित्य ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क लिया और आग लगाकर पास ही भरे पानी के खेत में कूद गया।

घटना के तुरंत बाद पुलिसकर्मियों व टीम आदि ने आग बुझाकर झुलसे हुए युवक को पानी से बाहर निकाला। उसे तुरंत नजदीकी गोदावरी अस्पताल ले जाया गया, बर्न यूनिट न होने से प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। स्वजन के अनुसार युवक की स्थिति फिलहाल संतोषजनक नहीं है। वह करीब 50 प्रतिशत तक जल गया है।

समाधान दिवस में उठा था मामला

इससे पहले 14 अगस्त को भी टीम मौके पर गई थी, जहां दोनों पक्षों की आपसी सहमति से अस्थायी चारदीवारी और मुर्गी फार्म का हिस्सा हटाने पर सहमति बनी थी। बकौल जिला प्रशासन, बाद में विपक्षी पक्ष अपने वादे से मुकर गया। इसके बाद सोमवार को पीड़िता वीरबाला ने समाधान दिवस में पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। समाधान दिवस के निर्देशों के पालन में जब संयुक्त टीम दोबारा मौके पर पहुंची, तो यह घटना घटित हुई।

इन्होंने कहा...

न्यायालय के आदेश पर महिला को उसकी भूमि का कब्जा दिलाने के लिए राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम गांव गोहरनी भेजी गई थी। टीम को देखकर पूर्व योजना के तहत विपक्षी युवक ने अचानक खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क लिया और पास ही पानी में कूद गया। पुलिस-प्रशासन ने तुरंत सहायता करते हुए उसे उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया, जहां उसका उपचार जारी है।
-सचिन राजपूत, एसडीएम सदर

दोनों पक्षों के दावे

वर्ष 2013 में कुर्रे बंदी पहले ही हो चुकी थी। हमें पहले कोई नोटिस नहीं दिया और मांगने पर आदेश की प्रति भी नहीं दिखाई। राजस्व टीम और कानूनगो मनमाने तरीके से जमीन मापने पहुंच गए थे। हमने जुलाई में एसडीएम कोर्ट में भी वाद दायर किया था। इसके बाद भी मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। हमारी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। एकतरफा कार्रवाई के विरोध में बेटे ने मजबूरी में यह कदम उठाया लिया।
-मनोज कुमार

साल 2013 में ही हमारी कुर्रे बंदी पूरी हो चुकी थी और लंबे समय से अपनी कानूनी जमीन पर काबिज थी, जहां मेरे पुत्र राहुल द्वारा मुर्गी फार्म चलाया जा रहा था। कुछ दिनों के लिए मुर्गी फार्म बंद किया गया था, जिसका अनुचित लाभ उठाते हुए विपक्षी पक्ष ने जमीन पर तारबंदी कर कब्जा कर लिया था। पुलिस को शिकायत की और फिर अवैध कब्जा हटवाने के लिए एसडीएम से गुहार लगाई थी, जिसके बाद न्यायालय के आदेश का पालन कराने ही पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीम नियमानुसार कार्रवाई करने पहुंची थी। हमें फंसाने के लिए जलने की वीडियो स्वजन बनाते रहे, जिसके बाद युवक पानी में कूद गया। हमें किसी की जमीन की जरूरत नहीं है, हमें तो न्याय चाहिए।
-वीरबाला