अंडरपास को लेकर जताया विरोध; जलभराव व आवागमन बाधित होने की आशंका, ग्रामीणों ने टीम को लौटाया बैरंग
शामली के रसीदगढ़ में प्रस्तावित अंडरपास निर्माण का ग्रामीणों ने जलभराव और आवागमन बाधित होने की आशंका से विरोध किया। ...और पढ़ें

रशीदगढ़ में बाएं से तीसरे सीनियर सेक्शन इंजीनियर आशीष कुमार को ज्ञापन देते ग्रामीण। जागरण
HighLights
रसीदगढ़ में प्रस्तावित अंडरपास निर्माण का ग्रामीणों ने विरोध किया।
जलभराव और आवागमन बाधित होने की आशंका ग्रामीणों ने जताई।
संवाद सूत्र, थानाभवन (शामली)। गांव रसीदगढ़ के रेलवे फाटक पर बजाज शुगर मिल के पीछे प्रस्तावित अंडरपास के निर्माण को लेकर शनिवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। जलभराव और आवागमन बाधित होने की आशंका के चलते ग्रामीणों ने हाइड्रा मशीन लेकर पहुंची रेलवे टीम को रोक दिया और जमकर हंगामा किया। विरोध की सूचना पर पहुंचे सीनियर सेक्शन इंजीनियर को ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर स्थायी समाधान की मांग की है, जिसके बाद फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है।
शनिवार दोपहर रेलवे विभाग के सीनियर सेक्शन इंजीनियर आशीष कुमार मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि अंडरपास के निर्माण से रसीदगढ़, नोजली, नोजल और कैल शिकारपुर समेत आसपास के कई गांवों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित होगी। बरसात के दिनों में अंडरपास में जलभराव होने से राहगीरों और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना था कि केवल विरोध के लिए विरोध नहीं किया जा रहा, बल्कि यह रोजमर्रा की व्यवस्था और यातायात का गंभीर मामला है।
ग्रामीण मौके पर ही उच्च अधिकारियों को बुलाकर स्थिति का निरीक्षण कराने की जिद पर अड़े रहे और शामली जाने से इन्कार कर दिया। एसएसई आशीष कुमार ने बताया कि इस अंडरपास के निर्माण के लिए वर्ष 2026 में लगभग 4.30 करोड़ रुपये का टेंडर स्वीकृत हो चुका है। हालांकि, ग्रामीणों के विरोध और उनकी समस्याओं को देखते हुए फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है। ग्रामीणों की आपत्तियों और ज्ञापन से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। इस दौरान अनिरुद्ध सिंह, चुन्नीलाल प्रधान, राहुल सैनी, पंकज त्यागी, अश्वनी और आदित्य समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
बिना समस्या सुने निर्माण शुरू नहीं होना चाहिए
अंडरपास बनने से आसपास के कई गांवों के लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए हमने एसएसई से समाधान कराने की मांग की है। बिना समस्या सुने निर्माण शुरू नहीं होना चाहिए।
-चुन्नी लाल, ग्राम प्रधान पति, रसीदगढ
