बुजुर्गों की पेंशन पर आधार का 'अड़ंगा', आवेदन हो गए वापस... आवेदकों को पता तक नहीं
उत्तर प्रदेश में 14 लाख से अधिक बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन आधार कार्ड संबंधी समस्याओं के कारण अटक गई है, ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
उत्तर प्रदेश में 14 लाख से अधिक बुजुर्गों की पेंशन अटकी।
शामली जिले में 7,339 बुजुर्गों के आवेदन वापस हुए।
पेंशन हेतु वैकल्पिक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा।
जागरण संवाददाता, शामली। आधार कार्ड के फेर में प्रदेश के 14 लाख 18 हजार बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन अटक गई है। शासन स्तर से इन लाभार्थियों के आवेदन वापस कर दिए गए हैं। इनमें शामली जिले के भी 7,339 बुजुर्ग शामिल हैं, जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 में पेंशन के लिए आवेदन किया था। आवेदन वापस होने से लाभार्थियों के सामने पेंशन पाने की प्रक्रिया पूरी करने की चुनौती खड़ी हो गई है। खास बात यह है कि जिन बुजुर्गों के मोबाइल नंबर काम नहीं कर रहे हैं, उनको अपने आवेदन वापस होने की जानकारी तक नहीं है।
समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धावस्था पेंशन के लिए पहले आधार कार्ड को आयु प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता था। अब इसके स्थान पर वैकल्पिक दस्तावेज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। ऐसे में जिन लाभार्थियों के आवेदन वापस हुए हैं, उन्हें निर्धारित विकल्पों में से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
दस्तावेज अपलोड होने के बाद ही आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी ऋतु रस्तोगी ने बताया कि शामली जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान वृद्धावस्था पेंशन के लिए भरे गए सात हजार 339 आवेदन शासन स्तर से वापस हुए हैं। इस संबंध में लाभार्थियों के मोबाइल पर संदेश भेजे गए हैं।
उन्होंने बताया कि जिन बुजुर्गों के आवेदन वापस हुए हैं, वे सरकार की ओर से निर्धारित विकल्पों से संबंधित दस्तावेज जनसेवा केंद्र के माध्यम से अपलोड कराएं, ताकि आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
इन दस्तावेजों को कर सकते हैं अपलोड
आधार कार्ड के विकल्प के रूप में लाभार्थी निर्धारित दस्तावेजों में से संबंधित प्रमाणपत्र उपलब्ध करा सकते हैं। इनमें पैन कार्ड, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर की नकल, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र और पासपोर्ट शामिल हैं। लाभार्थी अपने मान्य दस्तावेजों को उपलब्धता के अनुसार अपलोड करा सकते हैं।
एसडीएम और बीडीओ कार्यालय में जमा करें दस्तावेज
जनसेवा केंद्र के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज अपलोड कराने की प्रक्रिया भी पूरी के बाद शहरी क्षेत्र के लाभार्थी अपने दस्तावेज उपजिलाधिकारी कार्यालय में जमा करा सकते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के लाभार्थियों को खंड विकास अधिकारी कार्यालय में दस्तावेज जमा कराने होंगे।
