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शामली : 'मैं हिंदू हूं, हमेशा हिंदू ही रहूंगा...' मतांतरण के आरोपों के बीच सामने आया कार्तिक, पुलिस ने कपल से की पूछताछ

Published: Fri, 03 Jul 2026 12:04 AM (GMT+05:30)

शामली में कार्तिक उर्फ भानू ने मतांतरण के आरोपों को खारिज करते हुए खुद को हिंदू बताया और कहा कि ...और पढ़ें

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HighLights

  1. कार्तिक ने मतांतरण के आरोपों को सिरे से नकारा।

  2. पुलिस जांच में जबरन मतांतरण का कोई सबूत नहीं।

  3. युगल ने अपनी मर्जी से साथ रहने की बात कही।

संवाद सूत्र, झिंझाना (शामली)। भाऊ खेड़ा निवासी कार्तिक उर्फ भानू के कथित मतांतरण मामले में इंटरनेट मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने और हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद युवक अपनी पत्नी के साथ खुद सामने आया। उसने एक वीडियो जारी कर मतांतरण के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मैं हिंदू हूं और हमेशा हिंदू ही रहूंगा।

इसका मैं और क्या सबूत दूं? इसके बाद झिंझाना थाने पहुंचे युगल से पुलिस ने पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। युवक के स्वजन को भी थाने बुलाया गया। दोनों पक्षों में बातचीत हुई, लेकिन स्वजन ने दोनों को साथ रखने से इन्कार कर दिया। बताया गया कि युवती ने अपना नाम बदलकर दीपिका रख लिया है, वह तीन महीने की गर्भवती भी है। उन्होंने हिंदू रीति रिवाज से ही शादी की है। पुलिस जांच में मतांतरण के साक्ष्य नहीं मिले।

बुधवार को बघरा योग साधना केंद्र के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर ने वीडियो जारी कर युवती व उसके स्वजन पर कार्तिक उर्फ भानू का ब्रेनवाश करने, नमाज पढ़वाने और 35 बीघा जमीन हड़पने की नीयत से बंधक बनाकर मतांतरण कराने का आरोप लगाया था। मामले के तूल पकड़ते ही गुरुवार को कार्तिक राणा उर्फ भानू ने पत्नी के साथ वीडियो प्रसारित कर कहा कि उन्हें फंसाने के लिए इस पूरे मामले को मतांतरण का रंग देकर भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं।

युवक ने दी चेतावनी

उसने पत्नी के हाथ पर लिखे अपने नाम को दिखाते हुए कहा कि वे दोनों हिंदू रीति-रिवाज से ही रह रहे हैं। युवक ने चेतावनी दी कि यदि युवती या उसके स्वजन को बेवजह परेशान किया गया तो वे दोनों आत्महत्या कर लेंगे और इसके जिम्मेदार उसके माता-पिता होंगे।

पुलिस की जांच में सामने आया कि साल 2023 में युवक ननौता में अपनी बुआ के यहां रहता था, वहीं उसका प्रेम-प्रसंग शुरू हुआ। अप्रैल 2025 में युवती पक्ष के लोगों ने कार्तिक पर मुकदमा भी दर्ज कराया था, जिसके बाद वह जेल गया। जेल से रिहा होने के बाद कार्तिक ने उक्त युवती के साथ मंदिर में विवाह कर लिया। कार्तिक के माता-पिता ने जब दोनों को घर में रखने से इन्कार कर दिया, तो वे हापुड़ के गांव गालंद में एक परिचित के आवास पर चले गए और वर्तमान में गाजियाबाद की एक निजी कंपनी में नौकरी कर अपना जीवनयापन कर रहे हैं।

झिंझाना थाने में पूछताछ के दौरान युवती ने भी अपनी मर्जी से युवक के साथ रहने की इच्छा जताई। युवती ने बताया कि दोनों पिछले डेढ़ वर्ष से साथ रह रहे हैं। एसपी एनपी सिंह ने बताया कि अब तक की जांच में जबरन मतांतरण प्रकरण का कोई मामला सामने नहीं आया। दोनों के बयान दर्ज किए गए हैं।