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शामली में एंटी-वेनम से बची 145 सर्पदंश पीड़ितों की जान, सांप काटने से दो की गई जान

Published: Mon, 14 Sep 2026 10:50 AM (IST)

शामली जिला अस्पताल में जनवरी से 13 सितंबर तक 147 सर्पदंश के मामले सामने आए, जिनमें से 145 मरीजों की जान समय पर एंटी-वेनम मिलने से बच गई।

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HighLights

  1. शामली में 147 सर्पदंश मामलों में 145 की जान बची।

  2. एंटी-वेनम के समय पर उपयोग से संभव हुई जीवन रक्षा।

  3. वर्षा ऋतु में सर्पदंश की घटनाओं में भारी वृद्धि देखी गई।

जागरण संवाददाता, शामली। जिला अस्पताल में इस वर्ष जनवरी से 13 सितंबर तक सर्पदंश के 147 मामले सामने आए हैं, इनमें से दो लोगों की मृत्यु हो गई जबकि 145 की समय पर एंटी वेनम लगने से जान बच सकी। वर्षा के मौसम में सांप के डसने की घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ।

अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश मरीजों को समय पर एंटी वेनम वैक्सीन उपलब्ध कराकर उपचार दिया गया, कुछ गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ रेफर किया गया।

बीते वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष वर्षा के समय में सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि हुई है। कुछ लोग जानकारी के आभाव में सर्पदंश के शिकार मरीज को लेकर झाड फूंक के चक्कर में पड़ जाते हैं, जिसके कारण कई बार लोगों की जान का संकट भी पैदा हो जाता है।

जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार अखौरी ने बताया कि जनवरी में सर्पदंश का एक, फरवरी में दो, मार्च में आठ, अप्रैल में सात, मई में 10 और जून में 17 मामले जिला अस्पताल पहुंचे।

जुलाई में मरीजों की संख्या बढ़कर 26 हो गई। अगस्त में सबसे अधिक 44 मामले दर्ज किए गए। वहीं, 13 सितंबर तक 30 मरीज सर्पदंश के बाद उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। इस प्रकार जनवरी से 13 सितंबर तक कुल 147 मामले सामने आए हैं।

सीएमएस डॉ. मनोज अखौरी ने बताया कि सर्पदंश के सभी मामलों में मरीजों को आवश्यकतानुसार एंटी वेनम वैक्सीन देकर उपचार किया गया। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र मेरठ रेफर किया गया।

उन्होंने लोगों से अपील की कि सांप के काटने के बाद किसी तरह की झाड़-फूंक या देसी उपचार के चक्कर में न पड़ें। समय गंवाने से मरीज की हालत बिगड़ सकती है। सर्पदंश होने पर तत्काल नजदीकी सीएचसी या जिला अस्पताल पहुंचें।

बताते चलें कि इस समयावधि में कैराना क्षेत्र के गांव जगनपुर निवासी एक व्यक्ति और कांधला क्षेत्र के निवासी एक बालक की मृत्यु हो चुकी है। जबकि जिला अस्पताल पहुंचे 145 लोगों को समय पर एंटी वेनम लगने और उपचार से उनकी जान बच सकी है।