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गजब का फर्जीवाड़ा!... ‘नौकरी'' सेठसिंह की, ‘सैलरी'' सेठपाल सिंह की

By Akash Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 29 Sep 2026 05:10 AM (IST)

शामली के बेसिक शिक्षा विभाग में एक अजीबोगरीब फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहाँ नौकरी सेठसिंह को मिली है, लेकिन पिछले ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो।

प्रतीकात्मक फोटो। 

HighLights

  1. पिछले तीन साल बाद फिर से सेठपाल सिंह के नाम बन रहा वेतन

  2. फर्जी कागजों पर सेठसिंह का दांव, लेकिन टैक्स भर रहा सेठपाल

जागरण संवाददाता, शामली। बेसिक शिक्षा विभाग में लापरवाही इस हद तक बढ़ गई है कि यह तय नहीं हो पा रहा है कि नौकरी सेठसिंह कर रहा है या सेठपाल सिंह। मृतक आश्रित कोटे के तहत विभाग ने नौकरी सेठसिंह के नाम से आवंटित की, लेकिन पिछले 14 वर्षों तक वेतन सेठपाल सिंह के नाम से ही जारी किया जा रहा था। अब फिर से नौकरी सेठ सिंह को दी गई और इस बार भी वेतन सेठपाल सिंह के नाम से बन रहा है।

सेठसिंह ने मृतक आश्रित कोटे में फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल की थी। वर्ष 2005 में विरेंद्र सिंह ने शिकायत की थी कि महिपाल सिंह की मृत्यु के साढ़े सात साल बाद सेठसिंह ने धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुद को दत्तक पुत्र बताकर नौकरी प्राप्त की। विभागीय और मजिस्ट्रेट जांच के बाद 31 मार्च 2009 को उसकी सेवा समाप्त कर दी गई थी। इसके खिलाफ याचिका दायर होने पर उच्च न्यायालय से स्थगनादेश मिला था।

चार अप्रैल 2023 को याचिका खारिज होने पर तत्कालीन बीएसए कोमल ने सेवा समाप्त कर दी थी। हालांकि, मई 2023 में न्यायालय ने याचिका बहाल कर दी थी, लेकिन ज्वाइनिंग का कोई आदेश नहीं था। अब तीन साल बाद बीएसए संतोष कुमार सिंह ने पुराने आदेश का हवाला देते हुए सेठसिंह को नौकरी दे दी है, लेकिन नौकरी के लिए आवेदन सेठपाल सिंह के नाम से किया गया।

यह आश्चर्यजनक है कि अब फिर से वेतन सेठपाल सिंह के नाम से ही बना है और अभी तक टैक्स भी उसी नाम से भरा जा रहा है। बर्खास्तगी के आदेश को चुनौती देने के लिए साल 2009 में सेठसिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। साल 2022 में सेठपाल सिंह के नाम से याचिका दायर की गई। दो अलग-अलग नामों से याचिकाएं दायर होने के बाद विभाग की लापरवाही उजागर हो रही है।

सरकारी खजाने से 18 वर्षों तक जितना भी वेतन निकला और उस पर जो भी आयकर कटा, वह सब सेठपाल सिंह के पैन कार्ड पर दर्ज हुआ। अब सवाल यह उठता है कि यदि भविष्य में सेठसिंह ने बकाए वेतन की वसूली का दावा किया, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? बीएसए संतोष कुमार से पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया और संदेश का भी कोई जवाब नहीं मिला।