मैं शामली हूं!... विकास की उम्मीदों को पंख लगें तो तेज रफ्तार से बढ़ चलेगा जनपद का कारवां
शामली जिला डेढ़ दशक बाद भी विकास की राह पर कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं, ...और पढ़ें

बाबरी क्षेत्र के दिल्ली देहरादून पर दौड़ते वाहन। जागरण
HighLights
जिले को थोड़ा है, थोड़े की जरूरत है... की तर्ज पर मिले स्वास्थ्य, परिवहन व प्राधिकरण की अधूरी परियोजना
स्टाफ की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य और जिला उद्योग केंद्र, रोडवेज व एसडीए के प्रस्तावों पर मुहर लगना बाकी
जागरण संवाददाता, शामली। जिला मुख्यालय के रूप में अपनी स्थापना के डेढ़ दशक पूरे कर चुका शामली आज विकास, संघर्ष और उम्मीदों के एक पड़ाव पर भी खड़ा है। इन 15 वर्षों में शहर ने प्रशासनिक पहचान से लेकर बुनियादी ढांचे तक कई उपलब्धियां अपने नाम की है, लेकिन आज भी कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां थोड़ा है, थोड़े की जरूरत है की तर्ज पर प्रयासों की दरकार है।
जिले में औद्योगिक केंद्र की स्थापना और इकाइयों का विस्तार इस बात का गवाह है कि शामली प्रगति के पथ पर अग्रसर है। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में जिला अस्पताल में अत्याधुनिक बर्न यूनिट का भवन और वेंटिलेटर जैसे करोड़ों के संसाधन है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्टाफ की कमी के चलते इनके संचालन का इंतजार है। यह एक ऐसी जरूरत है जिसे पूरा करते ही स्थानीय स्तर पर लोगों को बड़ी राहत मिल जाएगी। इसी प्रकार, ट्रामा सेंटर की स्थापना और शेष विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती से स्वास्थ्य सेवाओं का यह सफर मुकम्मल हो जाएगा।
शहरी और औद्योगिक विकास की बात करें तो, शामली विकास प्राधिकरण (एसडीए) के गठन का प्रस्ताव शासन में लंबित चल रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मिनी स्टेशन की कवायद प्रशासन स्तर पर जारी हैं, लेकिन दो साल से अटकी पड़ी है। हालांकि तहसील में मिनी स्टेशन के लिए एनओसी मिल चुकी है। जिला उद्योग केंद्र का संचालन हो चुका है, लेकिन स्टाफ की कमी से यह जूझ रहा है। उपायुक्त उद्योग का पद भी सृजित न होने से स्टाफ भी नहीं मिल रहा है।
रोडवेज बस अड्डे के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया आने वाले समय में शामली परिवहन और उद्योग के क्षेत्र में एक नया मुकाम हासिल कर सकती है, लेकिन वर्कशाप, हाइटेक बस स्टेशन नहीं बन सका है। भूमि मिली है, लेकिन इसका प्रस्ताव फिलहाल लंबित चल रहा है। निगम की बसें केवल 44 है, तो वहीं इलेक्ट्रानिक 20 बसों की स्वीकृति के बावजूद जलालाबाद में मिनी चार्जिंग प्वाइंट व इनका संचालन शुरू नहीं हो सका है। कुल मिलाकर यदि यह कार्य भी हो जाए तो जिला तेज रफ्तार से विकास कर सकेगा।
