शामली जेएनएन। गुरुवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। देर शाम तक यह क्रम चला। हालांकि दोपहर में 10-15 मिनट के लिए हल्की धूप भी निकली। बारिश के चलते ठंड में इजाफा हो गया। लोग गर्म कपड़ों से पैक नजर आए और शहर की सड़कों पर शाम के वक्त जल्दी ही सन्नाटा पसरा दिखा। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से निकले। अधिकतम तापमान 15 और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रहा।

मंगलवार और बुधवार को कोहरे का प्रकोप रहा था। बुधवार को तो कोहरे ने ज्यादा परेशान किया और दोपहर में हल्की धूप ही खिली थी। गुरुवार सुबह कोहरे से राहत रही, लेकिन बारिश सुबह से ही शुरू हो गई थी। ऐसे में स्कूल-कॉलेज जाने वालों के साथ ही दफ्तर जाने वाले भी परेशान रहे। लोग छाते से बचाव करते हुए पहुंचे। बारिश के साथ ठंडी हवा भी चल रही थी, जिससे कंपकंपी छूट रही थी। दिन चढ़ने के साथ ठंड में इजाफा ही महसूस किया गया। हालांकि बारिश बीच-बीच में रुकती भी रही। चीनी मिल में गन्ना लेकर पहुंचे किसान ज्यादा परेशान रहे। मिल गेट से गन्ने के वाहनों की कतार लगी थी। बारिश में काफी किसान ट्रैक्टरों से उतरकर दुकानों के नीचे खड़े नजर आए। स्कूलों की छुट्टी हुई तब भी बारिश थी और शाम को दफ्तरों की छुट्टी के समय भी। शाम के वक्त गर्ज के साथ थोड़ा तेज बारिश भी हुई, लेकिन ज्यादा देर तक नहीं। ऐसे में सड़कों पर वाहनों का आवागमन भी कम नजर आया। शाम ढलने पर ठंड में काफी वृद्धि हो गई थी। लोग घरों से निकले तो गर्म कपड़ों से पूरी तरह पैक थे। वहीं, बारिश और बढ़ी ठंड के चलते सरकारी कार्यालयों और सीएचसी में कम ही भीड़ रही।

नौ एमएम रिकार्ड हुई बारिश

शामली में गुरुवार सुबह से शाम पांच बजे तक करीब नौ एमएम बारिश हुई है। इसके बाद भी हल्की बारिश साढ़े छह बजे तक रुक-रुककर होती रही है। अनुमान है कि कुल 11 एमएम के करीब बारिश हुई।

गेहूं को फायदा, गन्ने और सरसों को नुकसान

बारिश का कुछ फसलों को नुकसान है तो कुछ को फायदा भी है। ये बारिश गेहूं के लिए वरदान साबित हो सकती है तो गन्ने और सरसों की फसल में रोग को बढ़ा सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र शामली के कृषि वैज्ञानिक डा. विकास मलिक ने बताया कि गेहूं सर्दी के मौसम की फसल है। तापमान जितना कम होगा, उतना ही फसल के लिए अच्छा है। बारिश से तापमान कम हुआ है और उम्मीद है कि अभी और नीचे गिरेगा। ऐसे में गेहूं की फसल की बढ़त अच्छी होगी। गन्ने की फसल में बैंडिग क्लोरोसिस रोग लगा हुआ है। नमी और कम तापमान इस रोग को बढ़ाने का काम करता है। मौजूदा मौसम इस रोग के अनुकूल हो रहा है। वहीं, सरसों की फसल अब फली बनने की अवस्था है। कभी बारिश, कभी तापमान कम, कभी अधिक तो कभी धूप निकलने से इस फसल में माहू कीट लगने की आशंका है। यह कीट इस अनुकूल मौसम में तेजी से बढ़ता है। सब्जियों टमाटर, पालक, धनिया, गोभी की फसल को कोई खास नुकसान नहीं है। पिछले दिनों पाला पड़ा था। ऐसे में हल्की बारिश पाले के प्रभाव को कम करेगी। अगर तेज बारिश लगातार अधिक वक्त तक होती है तो सब्जियों को नुकसान होगा।

मौसम खुला तो बढ़ेगा पाला

कृषि वैज्ञानिक डा. विकास मलिक ने बताया कि मौसम साफ होने पर धूप निकलेगी तो रात में पाला अधिक रहेगा। इससे करीब-करीब सभी फसलों को नुकसान होता है। बचाव के लिए हल्की सिचाई करने के साथ सल्फर का भी प्रयोग करना ठीक रहता है।

गन्ने की कटाई-छिलाई प्रभावित

बारिश के चलते खेतों में गन्ने की कटाई और छिलाई का काम भी प्रभावित हो गया है। खेतों में कटा पड़ा गन्ना भी कम ही मिल में आएगा। किसान सतेंद्र मलिक, अरुण शर्मा ने बताया कि खेत गीला रहता है तो ट्रैक्टर-ट्रॉली धंसने का खतरा रहता है। धूप निकलने पर नमी कम होगी तो काम शुरू होगा।

Posted By: Jagran

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