शामली, जेएनएन। जिले में तीन विधानसभा सीट हैं। कैराना और थानाभवन सीट 1957 से अस्तित्व में है। शामली सीट पर पहली बार 2012 में चुनाव हुआ। इससे पहले कांधला सीट हुआ करती थी। कैराना और थानाभवन सीट पर सपा, कांग्रेस, भाजपा समेत काफी दलों को जीत मिली, लेकिन बसपा कभी नहीं जीत सकी। तीनों सीट पर बसपा का कोर वोट भी ठीक-ठाक है। कांधला सीट पर 2007 में जरूर बसपा को जीत मिली थी, लेकिन तब शामली नहीं, बल्कि मुजफ्फरनगर जिला था। 1984 में बसपा का गठन हुआ और 1989 के चुनाव से पार्टी उम्मीदवार उतारे गए। तब से लेकर 2017 तक आठ चुनाव हुए। थानाभवन से हर बार बसपा ने प्रत्याशी उतारे, लेकिन कैराना सीट पर चार चुनाव में बसपा से कोई उम्मीदवार नहीं था। थानाभवन सीट पर दो बार और कैराना सीट पर एक बार बसपा उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे। 2007 में बसपा की लहर थी, फिर भी दोनों सीट पर पार्टी को सफलता नहीं मिली। हालांकि कांधला सीट (तब मुजफ्फरनगर जिला) पर बसपा उम्मीदवार बलबीर सिंह जीते थे। शामली विधानसभा सीट बनने के बाद 2012 और 2017 में चुनाव हुआ लेकिन दोनों बार विफलता मिली।

बता दें कि 28 सितंबर 2011 को मुजफ्फरनगर से अलग होकर शामली जिला बना था। तब मायावती मुख्यमंत्री थीं लेकिन जिला बनाने के फैसले का लाभ भी बसपा को को नहीं मिल सका। तीनों सीट पर अनुूसचित वोट

शामली -करीब 35 हजार

थानाभवन -करीब 48 हजार

कैराना-करीब 25 हजार बसपा की विधानसभा चुनावों में स्थिति

थानाभवन

चुनाव वर्ष प्रत्याशी प्राप्त मत स्थान 2017 अब्दुल वारिस 74178 दूसरा

2012 अब्दुल वारिस 49951 तीसरा

2007 अनूप सिंह 35800 दूसरा

2002 अनवार 21669 चौथा

1996 चंदन सिंह कश्यप 31878 तीसरा

1993 मोहम्मद इस्लाम 12615 चौथा

1991 नरेंद्र पाल 393 आठवां

1989 बलदेवा 1824 तीसरा कैराना

2017 दिवाकर देशवाल 6858 चौथा

2012 अनवर हसन 60724 दूसरा

2007 देवपाल सिंह कश्यप 21330 तीसरा

2002 बीएसपी का कोई उम्मीदवार नहीं था

1996 बीएसपी का कोई उम्मीदवार नहीं था

1993 बीएसपी का कोई उम्मीदवार नहीं था

1991 बीएसपी का कोई उम्मीदवार नहीं था

1989 मोहम्मद मुल्की 820, चौथा शामली

2017 मो. इस्लाम 17114 पांचवा

2012 बलबीर सिंह 45505 तीसरा (नोट: इससे पहले शामली कांधला विधानसभा क्षेत्र में आता था और तब जिला मुजफ्फरनगर था )

Edited By: Jagran