शामली, जागरण टीम। शामली के जलालाबाद से शाकुंभरी पदयात्रा संघ के बैनर तले दर्जनों पदयात्री मां शाकुंभरी देवी के दर्शन के लिए मैया के जयकारे करते रवाना हुए। कस्बे के मुख्य मार्गो से होते हुए पदयात्री हाइवे पर पहुंचे।

कस्बे के सिद्धपीठ श्री दुर्गा देवी मंदिर से शाकुंभरी देवी पदयात्रा संघ के सानिध्य में मां शाकुंभरी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पैदल जत्था बुधवार देर शाम रवाना हुआ। श्री दुर्गा देवी मंदिर में श्रद्धालु पद यात्रियों ने मां के दर्शन किए। विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना पंडित चंद्र मोहन शास्त्री ने कराई। मां की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान पूर्वक पूजा अर्चना की। मां की प्रतिमा के समक्ष सपा नेता राकेश सैनी, शेर सिंह राणा, समाजवादी व्यापार जिलाध्यक्ष राजेश सैनी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित किया।

सपा नेता ने मां का ध्वज भवन पर स्थापित कर पदयात्रा का शुभारंभ कराया। पदयात्रा में शामिल श्रद्धालु पदयात्री मैया के जयकारों के साथ नाचते-गाते श्री दुर्गा देवी मंदिर से मोती बाजार, कुरैशीयान चौक, बंबा चौक, मेन बाजार, हाइवे से होते हुए मां शाकुंभरी के दर्शन के लिए रवाना हुए। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालु पद यात्रियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। पद यात्रा को सफल बनाने में हरीश जुनेजा, विक्की कश्यप, अंकित सैनी, टिकू सैनी, राजा सैनी, अमित सैनी, दीपक सैनी, चांदनी सैनी, बिट़टू, नितिन का सहयोग रहा। श्री राधा रानी के भजनों पर झूमे श्रद्धालु

शामली, जागरण टीम। 'एक शाम राधा रानी के नाम' भजन संध्या में भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे।

मंगलवार देर रात श्री राधा कृष्ण सेवा समिति के तत्वावधान में बाबा बनखंडी महादेव मंदिर में पंचम श्री राधाष्टमी महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर एक शाम श्री राधा रानी के नाम भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें जयपुर से आई कलाकार सुरभि चतुर्वेदी की शानदार प्रस्तुति पर श्रद्धालु झूम उठे। कार्यक्रम का संचालन गुलशन खन्ना द्वारा किया गया। वहीं, महाआरती में भी श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर अध्यक्ष मनोज वर्मा, आलोक गर्ग, अंकुर गोयल, निपुण गर्ग, पारस वर्मा, राहुल वर्मा, अभिषेक सिघल, रितिक गोयल, वाशु गोयल व राकेश गर्ग आदि मौजूद रहे।

इंद्रियों को वश में रखना ही उत्तम संयम धर्म

संवाद सूत्र, गढ़ीपुख्ता : श्री दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र में दशलक्षण पर्व के छठे दिन उत्तम संयम धर्म की पूजा की गई। श्रद्धालुओं को बताया गया कि अपने अंत:करण को विवेकपूर्वक पवित्र रखना ही उत्तम संयम धर्म है। बिना संयम साधना के मनुष्य पशु तुल्य है। मनुष्य को संयमी जीवन जीना चाहिए। पंच इंद्रियों को वश में रखना ही संयम है। संयमी मनुष्य के लिए मोक्ष के द्वार खुलते हैं। प्रक्षाल शांतिधारा के पश्चात विधि विधान से पूजा-पाठ शुरू हुआ। तेरह दीप महामंडल विधान के अंतर्गत तृतीय मेरु अचल मेरु की पूजा संपन्न की गई। श्रद्धालुओं ने आरती एवं भजन किए शांतिधारा दीपक राय जैन ने की। इस अवसर पर अनिल जैन, नीरज जैन, दीपक जैन, सुरेश जैन, संजीव जैन, स्मिता जैन, नीलम जैन, रेनू जैन आदि मौजूद रहे।

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