जागरण संवाददाता, शामली : शहर में गिनती के पार्क हैं, जो अनदेखी के चलते बेहाल हैं। यहां चारों ओर गंदगी पसरी है। देखकर प्रतीत होता है कि शायद पालिका पार्क बनाकर इनका रखरखाव करना भूल गई है।

शहर के कमला कालोनी, मार्शगंज मंडी व गांधी पार्क में व्यायाम करने के लिए मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन अधिकांश इनमें खराब ही पड़ी हैं या तो फिर टूटी पड़ी हैं। पार्क में कहीं पॉलीथिन पड़ी है तो कहीं चिप्स के खाली पैकेट। यहां पड़े सूखे पत्तों का ढेर लगा है। गांधी पार्क के फुटपाथ पर गंदगी पसरी है। रास्ते बीचो-बीच ईंटें पड़ी हैं। पानी के लिए बो¨रग कराया है, लेकिन यहां से टोंटी लापता है। पार्क की रे¨लग से सटे हुए ट्रांसफार्मर से अक्सर स्पार्किंग होती रहती है, जिससे रे¨लग में करंट दौड़ने का खतरा बना रहता है।

स्थानीय निवासी प्रमोद कुमार, सुनील गर्ग का कहना है कि दोपहर और रात में यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। तीन माह पूर्व नगर पालिका ने मार्शगंज मंडी स्थित पार्क का नाम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर किया था, लेकिन इसकी हालत सुधारने को कुछ नहीं हुआ। कमला कॉलोनी पार्क का मुख्य द्वार भी टूटा पड़ा है। यहां भी गंदगी के ढेर लगे हैं। सुमित्रा देवी, सविता और अनीता ¨सह का कहना है कि पार्क अब किसी लायक नहीं बचा है। सुबह की सैर करने के लिए सड़कों पर चलना पड़ता है। लोगों को पार्क का कोई फायदा नहीं मिल रहा है।

मामले में अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र यादव का कहना है कि पार्कों का निरीक्षण कर अव्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाएगा।

आवारा पुशओं का रहता है जमावड़ा

पार्कों में आवार पशुओं का जमावड़ा भी रहता है। पार्कों के गेट बंद नहीं होते तो इनमें पशु घुस जाते हैं। पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं। गंदगी करते हैं। ऐसे में लोग पार्क से किनारा ही रखना बेहतर समझते हैं।

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