शामली, जागरण टीम। दूसरी लहर में आक्सीजन का संकट रहा था और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। वहीं, तीसरी लहर में आक्सीजन की कोई समस्या न आए, उसके लिए मजबूत व्यवस्था की जा रही है। दो सीएचसी पर आक्सीजन प्लांट लग चुके हैं और एक सीएचसी में कार्य चल रहा है।

कोरोना की दूसरी लहर ने विकराल हालात पैदा कर दिए थे। अप्रैल-मई में सर्वाधिक केस आए थे। काफी मरीजों को कोविड चिकित्सालय में भर्ती किया गया था। हालत बिगड़ने पर कई मरीजों को हायर सेंटर सहारनपुर भी रेफर किया था। तब आक्सीजन को लेकर कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी। दूसरे, शहरों से आक्सीजन का प्रबंध करने में प्रशासन को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। जिला अस्पताल परिसर में बने कोविड लेवल-2 चिकित्सालय के साथ निजी अस्पताल ग्लोबल शांतिकेयर, गंगामृत और दिव्य पैरामेडिकल अस्पताल में भी आपूर्ति की गई थी।

अब जिला अस्पताल में 45-45 लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) के दो प्लांट तैयार हो चुके हैं। एक हजार एलपीएम के प्लांट का कार्य चल रहा है और 333 एलपीएम का एक प्लांट और लगना है। सीएचसी स्तर पर भी व्यवस्था मजबूत की जा रही है। सीएचसी थानाभवन और कांधला में 250-250 एलपीएम के आक्सीजन प्लांट लग गए हैं। वहीं, 25-25 बेड पर आक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। झिझाना सीएचसी में भी 250 एलपीएम का प्लांट लग रहा है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. संजय अग्रवाल ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए शासन के निर्देशों पर तैयारी की जा रही है। सभी आक्सीजन प्लांट का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने का प्रयास है। कोरोनाकाल में 11 चिकित्सक संविदा पर रखे गए हैं। कोविड चिकित्सालय लेवल-2 में फिलहाल कोई मरीज भर्ती नहीं है। लेकिन तैयारियां पहली की तरह हैं। चिकित्सक-स्टाफ की ड्यूटी भी चल रही है, जिससे किसी मरीज को भर्ती करना पड़े तो कोई दिक्कत न हो। पिछले दिनों सचिव स्वास्थ्य रविद्र सिंह ने भी जिला अस्पताल और सीएचसी थानाभवन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।

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