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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा हां, कैराना से हुआ हिंदुओं का पलायन

By Ashish MishraEdited By:
Published: Thu, 22 Sep 2016 11:09 AM (IST)Updated: Thu, 22 Sep 2016 02:07 PM (IST)

कैराना पलायन मामले में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की रिपोर्ट जारी हो गई है। इस रिपोर्ट में सामने आया है कि कैराना से हिंदुओं का पलायन हुआ था।

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शामली (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश की सियायत को गरमाने वाले कैराना पलायन मामले में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की रिपोर्ट जारी हो गई है। इस रिपोर्ट में सामने आया है कि कैराना से हिंदुओं का पलायन हुआ था। आयोग की ओर से बुधवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि कैराना से सैकड़ों परिवार पलायन कर चुके हैं। कैराना का आबादी अनुपात भी बदला है। यहां अल्पसंख्यक हिन्दू महिलाओं के साथ छेड़छाड़ आम घटना है।

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आयोग के मुताबिक आए दिन मिलने वाली धमकियों से घबराकर दो पेट्रोल पंप समेत कई और व्यापार भी बंद हुए हैं। आयोग ने कत्ल जैसे अपराधों में भी पुलिस की कार्रवाई को लचर बताया है। आयोग ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी और मुख्य सचिव से आठ सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। इससे पहले आयोग ने उत्तर प्रदेश सरकार को कैराना पलायन के मुद्दे पर नोटिस भी जारी किया था।

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20 प्वाइंट पर सौंपी गई रिपोर्ट में प्रदेश सरकार के लिए कई सुझाव भी दिए गए हैं। मसलन कैराना से पलायन कर दूसरे स्थानों पर विस्थापित हुए लोगों से बातचीत करने और उन्हें वापस लाने के लिए बातचीत करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी के गठन का भी सुझाव दिया गया है। आपको यह भी बताते चलें कि भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने दावा किया था कि कैराना में बढ़ते अपराध और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण के कारण एक खास वर्ग के लोगों को कैराना से पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने इससे जुड़ी एक सूची भी सौंपी थी जिसमें सैंकड़ों परिवारों के नाम थे।

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इनका कहना है
मैंने ही सबसे पहले 346 हिन्दू परिवारों के पलायन की सूची जारी की थी। तब राजनीतिक विरोधी मुझ पर टूट पड़े थे। अब आयोग ने भी मेरे दावे पर मुहर लगा दी है। दुख की बात यह है कि पलायन अब भी जारी है और राज्य सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। -हुकुम सिंह, कैराना के सांसद