-यमुना खादर के दर्जनों गांवों के छात्रों के लिए डिजिटल युग सिर्फ सपना

शामली, जेएनएन। देशभर में डिजिटल युग का दौर चल रहा है। संचार क्षेत्र में 3जी के बाद 4जी सेवा तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन कैराना क्षेत्र के यमुना खादर के कई गांवों में आज भी नेटवर्क की व्यवस्था नहीं है। स्कूलों ने बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा की सुविधा देनी शुरू की है, लेकिन इन गांव में नेटवर्क की सुविधा नहीं होने के कारण सैकड़ों बच्चे ऑनलाइन क्लास से नहीं जुड़ पा रहे हैं।

कोरोना महामारी के चलते बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए स्कूलों व कॉलेजों ने बच्चों की ऑनलाइन क्लास चला रखी है। स्कूलों ने घरों में रह रहे बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा की सुविधा देनी शुरू कर दी है। इसके लिए मोबाइल के साथ नेटवर्क और इंटरनेट के सुविधा का होना भी बेहद जरूरी है। मगर यमुना खादर में पड़ने वाले गांव मवी, मामौर, हैदरपुर, रामड़ा, नगलाराई, मौहम्मदपुर राई, खुरगान, बसेड़ा, मड़ावर, जधेड़ी, बरनावी, मलकपुर, काकौर, अकबरपुर सुन्हेटी आदि गांव आज के डिजिटल युग में भी नेटवर्क सुविधा से महरूम हैं। इन गांव में डिजिटल युग केवल सपना बनकर रह गया है। ग्रामीणों को मोबाइल हाथ में थामकर नेटवर्क की तलाश करनी पड़ रही है। ऐसे में ग्रामीण स्वयं को आधुनिक दुनिया से कटा हुआ महसूस करते हैं। इन गांवों की आबादी करीब 45 से 50 हजार की है, लेकिन नेटवर्क सुविधा शून्य है। यहां ग्रामीणों के पास मोबाइल तो हैं, लेकिन 3जी व 4जी नेटवर्क की सुविधा नहीं है।

क्या बोले समाजसेवी

अकबरपुर सुन्हेटी ग्राम प्रधान दाउद अली ने बताया कि गांव में केवल एक नेटवर्क टावर है, लेकिन मोबाइलों को पर्याप्त नेटवर्क नहीं मिलते। फोन पर बात करने के लिये घरों की छतों पर पहुंचना पड़ता है फिर भी आवाज साफ सुनाई नहीं पड़ती।

तोएब निवासी काकौर ने बताया कि गांव में कोई टावर नहीं है। नेटवर्क नहीं होने के कारण मोबाइल पर बात करने के लिए जगलों की ओर पहुंचना पड़ता है।

सावेज निवासी मामौर ने बताया कि गांव में केवल एक टावर है, लेकिन नेट चलाने के लिए मोबाइल में 3जी या 4जी की रेंज नहीं आती। इसके कारण फोन में नेट चलाना काफी मुश्किल होता है।

छात्र शुभम ने बताया कि वह कक्षा 10 का छात्र है, गांव में कोई टावर नहीं है, जिसके कारण वह ऑनलाइन क्लास नहीं कर पा रहा है।

इन्होंने कहा

स्कूल में पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राओं को घर बैठे ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है, इनमें 30 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ऐसे भी हैं जिनके पास एंड्रॉएड मोबाइल फोन नहीं है, कुछ बच्चों के अभिभावकों ने अपने मोबाइल नम्बर बदल लिए हैं, जिनके कारण ऐसे बच्चे ऑनलाइन क्लास से नहीं जुड़ पा रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यमुना खादर में पकड़े वाले गांव के छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन क्लास से जोड़ना काफी मुश्किल है, क्योंकि इन गांव में नेटवर्क की काफी समस्या रहती है।

-रफाकत अली प्रबंधक एसएन इंटर कॉलेज कैराना

Posted By: Jagran

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