अभियान

शामली, जागरण टीम। नगर क्षेत्र के विकास की मुख्य जिम्मेदारी निकायों की होती है। सरकार का जोर है कि निकाय की आय बढ़े, जिससे सरकार पर निर्भरता कम अथवा खत्म ही हो जाए, लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति का घोर अभाव है। शामली नगर पालिका है और शहर की आबादी करीब सवा लाख की है। अगर नगर पालिका की आय बढ़ेगी तो विकास की गति भी तेज होगी। जनता को बेहतर सुविधा मिलेंगी और पालिका आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेगी। राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है, पालिका की आय बढ़ाने में सबसे बड़ा रोडा है। कई बार इस संबंध में प्रस्ताव आए, पर बोर्ड में पास नहीं हुए। तीन साल पहले जब भवन एवं जल कर को बढ़ाया गया तो खूब हंगामा हुआ था। धरने प्रदर्शन तक किए गए थे।

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यह हैं पालिका के कार्य

नगर निकायों का प्रमुख कार्य साफ-सफाई, कूड़ा उठान, सड़क, नाला व नालियों का निर्माण होता है। नगर पालिका और नगर पंचायत के जिम्मे पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था भी होती है। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ ही कई अन्य काम भी होते हैं। इसके अलावा कई तरह के लाइसेंस जारी करना भी पालिका का अधिकार क्षेत्र है।

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अपने संसाधनों से सात करोड़ की आय

नगर पालिका शामली की अपने संसाधनों से आय करीब सात करोड़ रुपये है। जबकि सभी स्रोत से कुल आय करीब 29 करोड़ रुपये है और करीब इतना ही व्यय होता है।

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पालिका में 429 कर्मचारी

नगर पालिका शामली में स्थाई कर्मचारी 95 हैं। जबकि 334 कर्मचारी अस्थाई एवं ठेके पर हैं। कुल कर्मचारियों की संख्या 429 है।

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इतना मिलता है बजट

नगर पालिका शामली को राज्य वित्त से सालाना करीब 18 करोड़ रुपये मिलते हैं, जिसमें से 12 करोड़ रुपये तो कर्मचारियों के वेतन पर खर्च हो जाते हैं। करीब 5 करोड़ रुपये सालाना 15 वें वित्त से मिलते हैं। ऐसे में अगर राज्य एवं 15 वें वित्त से बजट न मिले तो कर्मचारियों के वेतन के भी लाले पड़ जाएंगे।

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दो साल पहले बढ़ा था टैक्स

27 अगस्त 2018 को पालिका की बोर्ड बैठक में भवन एवं जल कर में बढ़ोत्तरी की गई थी। घरों से 2-2 रुपये प्रतिगज और व्यवसायिक भवनों से 10-10 रुपये प्रतिगज जल एवं भवन कर लिया जा रहा है। इससे पहले घरों पर 1.10 -1.10 रुपये और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए यह दर 4.40-4.40 रुपये प्रतिगज की दर थी।

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आय न बढ़ने के प्रमुख कारण

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नहीं बढ़ाना चाहते बोझ

-डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह की व्यवस्था को दो साल से अधिक हो गए हैं, लेकिन यूजर चार्ज नहीं लिया जाता है। यूजर चार्ज और मूल्य वसूली के प्रस्ताव बोर्ड बैठक में आए भी, लेकिन पास नहीं हुए। करीब तीन साल पहले भवन एवं जल कर में वृद्धि की गई थी। आय बढ़ाने के प्रति गंभीर न होने का प्रमुख कारण वोट बैंक है। जनप्रतिनिधि बिल्कुल नहीं चाहते हैं कि जनता में ऐसा संदेश जाए कि बोर्ड ने कोई बोझ बढ़ाया है। वसूली में गंभीरता नहीं

-भवन एवं जल कर की वसूली में गंभीरता नहीं होती है। बकायेदारों को नोटिस देने से भी बचा जाता है। किरायेदारों पर भी अलग से भवन एवं जल कर लिए जाने की व्यवस्था है, लेकिन कम ही किरायेदारों से वसूली होती है। -नहीं मिलता कोई किराया

नगर पालिका शामली के बरातघर और अन्य भवन पुलिस और प्रशासन की ओर से लंबे समय से प्रयोग में लाए जा रहे हैं। मेंटिनेंस का कार्य भी पालिका की ओर से किया जाता है, लेकिन पालिका को कोई किराया आदि नहीं मिलता है। अगर किराया मिलने लगे तो आय का एक अच्छा स्रोत विकसित हो जाएगा।

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-वित्तीय वर्ष 2021-22 में अप्रैल से जुलाई तक आय एवं व्यय

आय, 58023467

व्यय, 67523993

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यह हैं समस्या

-सफाई व्यवस्था बेपटरी रहती है।

-कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था अभी तक नहीं।

-शहर में सीवेज सिस्टम नहीं है।

-सरकार से बजट कम आए तो विकास कार्यो के प्रस्ताव अटक जाते हैं।

-शहर के सौंदर्यीकरण को कोई विशेष कार्य नहीं हुए।

- शहर में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है।

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इन्होंने कहा..

कई बार बोर्ड बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह और जल मूल्य वसूली का प्रस्ताव रखा गया। लेकिन बोर्ड से प्रस्ताव पास नहीं हुए। डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह का खर्च पालिका के संसाधनों से ही वहन किया जा रहा है। -सुरेंद्र यादव, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका शामली

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न्यूमरिक

- 1.25 लाख से अधिक है शहर की आबादी।

-25 वार्ड हैं ।

-30 हजार से अधिक घरेलू भवन हैं।

-3000 के आसपास व्यावसायिक प्रतिष्ठान।

-18 करोड़ (अनुमानित) राज्य वित्त से मिलते हैं।

-01 करोड़ रुपये वेतन पर खर्च हो जाते हैं।

-4 से 5 करोड़ रुपये सालाना 15 वें वित्त के तहत मिलते हैं।

-95 कर्मचारी स्थाई

-334 अस्थाई एवं ठेके पर कर्मचारी हैं।

-30 करोड़ रुपये के आसपास कुल आय है।

-29 करोड़ से अधिक कुल अनुमानित व्यय है।

-07 करोड़ के करीब ही नगर पालिका की अपने संसाधनों से आय होती है।

Edited By: Jagran