शामली: गुरुवार को देर शाम तक सड़कों पर डाक कांवड़ की भागमभाग रही। समूचा माहौल भोले के भजन और देशभक्ति गीतों से गुंजायमान रहा था, जिससे जल लेकर दौड़ते शिवभक्तों को न थकान का अहसास था और न ही चिलचिलाती धूप और उसम भरी गर्मी का। किसी दल ने यात्रा पूरी करने के घंटे तय किए हैं तो किसी ने समय की कोई सीमा तय निर्धारित नहीं की और सबकुछ भोले की मर्जी पर छोड़ा था।

बुधवार सुबह से डाक कांवड़ की संख्या बढ़ गई थी और पदयात्रा करने वालों की संख्या कम हो गई थी। शाम होते-होते सड़कों पर डाक कांवड़ ही डाक कांवड़ थी। जैसे गंगा में जल अनवरत बहता है, डाक कांवड़िए भी जल को बिना रोके भगवान आशुतोष का अभिषेक करते हैं। किसी ने हरिद्वार से गंतव्य तक पहुंचने की दूरी 13 घंटे रखी तो किसी ने 15 घंटे। यानी डाक कांवड़ लाने वाले भक्त समय को चुनौती देकर दौड़ रहे थे। 48 घंटे के भीतर शामली नगर से 60 हजार से भी ज्यादा डाक कांवड़ गुजरी और देर शाम तक भी क्रम जारी था। इससे शहर में जगह-जगह जाम की स्थिति बनी और पुलिस कर्मियों को यातायात व्यवस्था संभालने में कड़ी मशक्कत भी करनी पड़ी। ट्रक, डीसीएम आदि पर सवार शिवभक्त भजनों पर झूम रहे थे और भगवान शिव की झांकियां आकर्षण का केंद्र थी। बाइक सवार भक्तों के दल भी खूब गुजरे और अधिकांश ने साइलेंसर निकाले हुए थे। इनका शोर कानों को चीर जरूर रहा था, लेकिन भक्तों के उल्लास और भाव गजब का था। शाम करीब छह बजे शिवमूर्ति पर महाआरती के चलते रूट डायवर्ट किया गया। डाक कांवड़ समेत तमाम वाहन गुरुद्वारा तिराहे से बाइपास से भेजे गए।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप