शामली : धर्मनगरी हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर आने वाले शिवभक्त कांवड़ियों का बुधवार को पानीपत-खटीमा हाईवे पर पूरी तरह कब्जा रहा। पैदल कांवड़ के साथ-साथ डाक कांवड़ियों की भागम-भाग के बीच मार्ग पर और कोई नजर नहीं आ रहा था। शिवरात्रि के पर्व पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने को कांवड़िये शिवालयों की ओर बढ़ते रहे। शहर बम-बम भोले व मेरी मां ने बनाया भोले चूरमा..समेत विभिन्न धार्मिक धुनों के बीच शहर गूंजायमान रहा। बारिश होने से भी गर्मी में कांवड़ियों को काफी राहत रही।

बुधवार को सुबह से ही शिवभक्तों का जोश देखने लायक था। मौसम की मेहरबानी के बीच डाक कांवडि़ये डीजे की धुन पर मार्ग पर दौड़ते अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ते गए। बम-बम भोले, बम-बम भोले, हर-हर महादेव जैसे भगवान शंकर के जयकारों से दिनभर वातावरण भक्तिमय रहा। जिस तरफ और जहां तक देखें, हाईवे पर कांवड़िये ही दिखाई दिए। कांवड़ियों की सुंदर व मनमोहक झांकियां लोगों को आकर्षित कर रही थी। चूंकि शिवरात्रि पर्व से पहले एक दिन शेष था, इसलिए डाक कांवड़िये तेजी से अपने शिवालयों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर आए हरियाणा, पंजाब व राजस्थान के कांवड़िये के जाने के कारण पानीपत-खटीमा मार्ग पर कस्बा बनत में भयंकर जाम लगा रहा। डाक कांवड़ियों के साथ-साथ खासा उत्सुक पैदल कांवड़िये भी अपनी कांवड़ लेकर गुजर रहे थे। चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिसकर्मी ने कांवड़ियों को अपनी सीमा से सकुशल निकाल रहे थे। डाक कांवड़ियों के वाहनों के साथ बाइक पर सवार कांवड़िये बारी बारी से दौड़कर गंगाजल एक दूसरे को दे रहे थे। ऐसे में शहर शामली का वातावरण भक्तिमय दिखाई दे रहा था। भोलों की सेवा में शहरवासियों ने भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। सभी ने अपने-अपने तरीके से भोलों को प्रसाद ग्रहण कराया। कोई फ्रूटी, कोल्ड ¨ड्रक्स तो कोई जूस, केले समेत विभिन्न फल उन्हें दे रहे थे। सपा कार्यालय पर विशेष भंडारे का आयोजन कर खाना खिलाया गया। इसके साथ ही रजवाड़ा फार्म में भी शिविर में कांवडि़यों के लिए शानदार इंतजाम किया था। भोलों की भक्ति में हरेक अपना योगदान करने में आगे ही दिखाई दिया। वहीं पुलिस प्रशासन ने भी कांवड़ियों की सुविधा के लिए बेहतर व्यवस्था की थी। दोपहर बाद बारिश से भी कांवड़ियों को काफी राहत मिली।

Posted By: Jagran