पाकिस्तानी वारिस की तलाश में जुटा खुफिया विभाग

शामली, जागरण टीम। पाकिस्तान निवासी मोहम्मद वारिस का मामला सामने आने पर खुफिया विभाग सक्रिय हो गया है। वारिस के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार वारिस पुलिस के संपर्क में है, लेकिन कहां हैं और किस थाने की पुलिस के संपर्क में है, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दे रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले में खामोशी साध रखी है। वे कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।

बता दें कि पाकिस्तान के गुजरांवाला, वजीराबाद निवासी मोहम्मद वारिस को साल 2000 में कांधला थाना पुलिस ने हैंडग्रेनेड, बंदूक व पासपोर्ट एक्ट के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया था। वर्ष 2017 में मुजफ्फरनगर की स्थानीय कोर्ट ने उसे और उसके साथी अशफाक नन्ने को सजा सुनाई थी। कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ साल 2019 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वारिस की अपील पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने इस मामले में वारिस की गिरफ्तारी पर आश्चर्य जताया और रिहाई का आदेश दिया। फिर दिसंबर 2019 में वारिस को जेल से रिहा कर दिया गया। सूत्रों की मानें तो इसके बाद से मोहम्मद वारिस शामली में ही रह रहा है। माह में एक बार एक थाने में मोहम्मद वारिस पहुंचता है। हालांकि इसकी पुष्टि कोई अधिकारी नहीं कर रहा है।

खुफिया विभाग कर रहा जांच :

दैनिक जागरण में प्रमुखता से यह मामला प्रकाशित होने के बाद उच्च अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए स्थानीय खुफिया विभाग को सतर्क कर दिया है। पूरे मामले की जांच लगातार की जा रही है। खुफिया विभाग की नजर कांधला निवासी एक व्यक्ति के परिवार पर भी है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान से आने के बाद मोहम्मद वारिस कांधला में ही अपने एक परिचित के घर पर कुछ दिनों तक रुका था।

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पाक अधिकारियों से लगाई गुहार :

इस संबंध में दैनिक जागरण से फोन पर बातचीत में पाकिस्तान निवासी मोहम्मद वारिस के बेटे गुलजार ने बताया कि उसने अपने देश में भी और दिल्ली स्थित दूतावास में पाकिस्तान के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया है। उसमें पिता वारिस को पाकिस्तान पहुंचाने में मदद की गुहार लगाई है।

Edited By: Jagran