रूस में फंसे हैं तीन छात्र, मदद के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिले पूर्व मंत्री सुरेश राणा और पीड़ित स्वजन
रूस में फंसे शामली और मुजफ्फरनगर के तीन भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए उनके परिजनों ने पूर्व मंत्री ...और पढ़ें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके आवास पर मुलाकात करते सुरेश राणा व स्वजन। सौ. स्वजन
संवाद सूत्र, थाना भवन (शामली)। रूस में फंसे शामली और मुजफ्फरनगर के तीन भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए परिजनों की कोशिशें लगातार जारी हैं। इसी क्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा ने परिजनों की मदद के लिए पहल करते हुए उन्हें साथ लेकर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की। परिजनों ने रक्षा मंत्री के सामने अपने बच्चों की स्थिति और उनसे संपर्क नहीं हो पाने की पूरी जानकारी रखी।
मुलाकात के दौरान सुरेश राणा और छात्रों के परिजनों ने रक्षा मंत्री से रूस में फंसे तीनों छात्रों को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विदेश मंत्रालय एवं रूस स्थित भारतीय दूतावास से इस संबंध में बातचीत की व आवश्यक मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
थानाभवन क्षेत्र के गांव हसनपुर लुहारी निवासी आशू कुमार के पिता राकेश, मुजफ्फरनगर के गांव बाढ़ निवासी हिमांशु के चाचा सोनू तथा गांव पीपलशाह निवासी शक्ति पुंडीर के पिता विपिन कुमार ने रक्षा मंत्री के समक्ष अपने बच्चों को लेकर चिंता जताई। परिजनों के अनुसार तीनों छात्र रूस में लैंग्वेज कोर्स करने के लिए गए थे। 30 जुलाई को तीनों की अपने परिवारों से अंतिम बार बातचीत हुई थी।
परिजनों का कहना है कि बातचीत के दौरान छात्रों ने रूसी सेना में जबरन भर्ती किए जाने और फोन जमा करा लिए जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद से परिजनों का छात्रों से संपर्क नहीं हो पाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात और उनके स्तर से विदेश मंत्रालय तथा भारतीय दूतावास से बातचीत किए जाने के आश्वासन के बाद परिजनों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस मामले में प्रभावी कदम उठाएगी।
परिजनों का कहना है कि उनकी एक ही मांग है कि रूस में फंसे उनके बच्चों का जल्द पता लगाया जाए और उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाया जाए। इधर, सुरेश राणा की ओर से भी परिजनों को हरसंभव मदद के लिए प्रयास जारी रखने का भरोसा दिया गया है। उनके साथ पूर्व ग्राम प्रधान संजय सैनी एवं मैनपाल सैनी भी मौजूद रहे।
