प्रधानमंत्री जन-धन योजना: बीमा क्लेम निरस्त करना पड़ा महंगा, इंडियन बैंक पर लगा 3.20 लाख का जुर्माना
उपभोक्ता आयोग ने इंडियन बैंक की बलवा शाखा पर प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत दुर्घटना बीमा क्लेम अनुचित रूप से निरस्त करने पर 3.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

जागरण संवाददाता, शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा का क्लेम बिना ठोस आधार के निरस्त करने पर इंडियन बैंक की बलवा शाखा पर 3.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं उपभोक्ता आयोग ने आदेश दिए है कि धनराशि निर्धारित 45 दिवस में जमा न कराने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
गांव बलवा निवासी मोमिना ने आठ मई 2024 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर कर बताया था कि उनके पति इकबाल का इंडियन बैंक की बलवा शाखा में जन-धन खाता था। इसके तहत व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा जुड़ा था, जिसका 177 रुपये वार्षिक प्रीमियम नियमित कटता था।
13 मार्च 2023 को मिस्त्री इकबाल की कार्य करते वक्त विद्युत करंट लगने से मृत्यु हो गई थी। नामिनी मोमिना ने आठ मई 2023 को बैंक में क्लेम फार्म जमा किया था।
आरोप है कि एक वर्ष तक हीलाहवाली के बाद बिना किसी स्पष्ट कारण के क्लेम निरस्त कर दिया गया। आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने इसे सेवा में गंभीर कमी माना।
16 सितंबर 2026 को उपभोक्ता आयोग ने आदेश दिया कि विधिक वारिसों को तीन लाख रुपये की राशि, मृत्यु तिथि से अंतिम भुगतान तक नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ दी जाए। यह मुआवजा सभी वारिसों में बराबर बंटेगा। साथ ही, अनुचित व्यापार व्यवहार पर इंडियन बैंक शाखा पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है, जो राजकोष में जमा होगा।
आयोग ने कड़े निर्देश दिए हैं कि बैंक और इंश्योरेंस कंपनी आगामी 45 दिनों के भीतर इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करें। तय समय में पालन न होने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
