शामली, जेएनएन। रविवार तड़के आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश ने लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर दीं। पेड़ों के गिरने से कई जगह बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। जलभराव ने पालिका के जिम्मेदारों के दावों की पोल खोल दी। आम की फसल को काफी क्षति हुई। हालांकि धान के लिए बारिश लाभदायक रही। जिले में 40 एमएम से अधिक बारिश रिकार्ड की गई। बारिश में धुल गए पालिका के दावे

सुबह तीन बजे से करीब पांच बजे तक बारिश हुई। इस बारिश ने ही शहर को जलमग्न कर दिया। शहर में कबाड़ी बाजार, अजुध्या चौक, सीबी गुप्ता कॉलोनी, नाला पटरी, कमला कॉलोनी, नेहरू मार्केट, माजरा रोड, मिल रोड आदि स्थानों पर जलभराव हो गया। बारिश रुकने के करीब डेढ़ से दो घंटे बाद पानी की निकासी हुई। शुक्र रहा कि बारिश दिन में नहीं हुई, वरना लोगों को और अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता। नालों की सफाई का दावा करने वाली नगर पालिका की पोल भी खुली। बारिश के वक्त नालों से गंदगी सड़क पर भी आ गई। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र यादव का कहना है कि नालों की सफाई कार्य पूरा हो गया है। तेज बारिश थी तो कुछ स्थानों पर जलभराव हुआ, लेकिन कुछ देर बाद खुद ही निकासी हो गई। अगर कहीं किसी नाले में गंदगी होगी तो उसे साफ कराने के निर्देश सफाई निरीक्षक को दे दिए हैं।

उधर बरसात के बाद चौसाना में बाईपास रोड पर तालाब जैसी स्थिति बन गई। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने के कारण बरसात व नालियों का पानी सड़क पर भर जाने से आमजन परेशान रहे। मार्गों पर नाली निर्माण न होने के कारण जगह-जगह कीचड़ व जलभराव हो गया। आंधी के दौरान गिरे पेड़

बारिश से पहले ही आंधी शुरू हो गई थी। ऊर्जा निगम ने एहतियातन बिजली बंद कर दी थी। आंधी में नाला पटरी, माजरा रोड, झिझाना रोड पर पेड़ भी गिरे और बिजली लाइनें भी टूट गई। आंधी थमने के बाद बिजली चालू की गई और इसके बाद ऊर्जा निगम कर्मचारियों ने पेट्रोलिग शुरू की। ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता जेके पाल ने बताया कि आंधी से बिजली आपूर्ति कुछ ही जगह बाधित हुई थी। जल्द ही सभी फाल्ट दुरुस्त कर लिए गए। वहीं, सब्जियों की फसल को नुकसान हुआ। हालांकि इस वक्त लौकी व तोरी आदि की फसल लगी है, लेकिन अभी बहुत अधिक नहीं है। पानी भरने से गलन की समस्या आ सकती है। आम की फसल को भारी नुकसान, धान की फसल को फायदा

आंधी से आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। पेड़ से आम टूटकर नीचे गिर गए। इससे आम पर दाग आ गया और काफी आम खराब हो गए। ऐसे आम के बाजार में दाम अधिक नहीं मिलते हैं। इससे बागवान और ठेकेदार परेशान हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने बताया कि अभी भी आम की काफी फसल बची हुई है। ऐसे में आंधी से काफी नुकसान का अनुमान है। वहीं, धान की रोपाई चल रही है और काफी किसान रोपाई कर चुके हैं। कुल मिलाकर बारिश से धान की फसल को फायदा है।

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