शामली, जेएनएन। बढ़ती सर्दी के बीच कोहरा आना आम बात है, लेकिन कोहरे में यात्रा बड़ी सावधानी के साथ करने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही के कारण हादसे होने की पूरी आशंका होती है। यदि देखा जाए तो कोहरे आने से वाहन चालकों के माथे पर पसीना और चिता की लकीरें उभरने लगती हैं। यातायात पुलिस की ओर से लोगों को कोहरे में होने वाले हादसों के प्रति जागरूक भी किया जाता है, लेकिन वाहन चालक लापरवाही कर ही देते है। यातायात पुलिस ने कई गाड़ियों पर कोहरे के कारण रिफ्लेक्टर भी लगाए है।

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कोहरे से बचने को वाहन चालक उठाएं ये कदम

- सड़क किनारे बनी सफेद पट्टी को देखकर वाहन चलाएं।

- बीप लाइट लगाएं।

- डे-टाइम रनिग लाइट्स का प्रयोग करें।

- पीछे की लाइट भी जलाए रखें।

- ब्लिकर्स व टेल लाइट को आन रखें

- रेडियम रिफ्लेक्टर भी लगाएं।

- हार्न का लगातार प्रयोग करें।

- फाग लैंप लगाएं।

यह न करें-

- वाहन में भरे सरियों पर लाइट जरूर लगाए। ताकि वह दूर से दिखाई दे।

- मोड पर ओवर टेक न करें।

- ओवरटेक करते समय सावधानी बरतें।

- चालक शराब पीकर वाहन न चलाएं।

- तेज वाहन बिल्कुल न चलाएं।

- आगे जाने वाले वाहन के बिल्कुल पीछे न चलें।

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इन्होंने कहा...

कोहरे में बहुत ध्यान से वाहन चलाना चाहिए। यदि गाड़ी खराब भी हो जाए उसको मेन रोड पर पार्क न करें। जल्द से जल्द रोड से हटाए। वाहन चलाते समय गाड़ी की बैक लाइक आन रखें और समय-समय पर चैक भी करते रहे। यातायात नियमों का पालन करें। वाहन पर सुरक्षा वाले उपकरणों को लगवाए ताकि हादसों से बचकर यात्रा सकुशल संपन्न हो। सभी वाहनों में रिफ्लेक्टर भी अवश्य लगवाएं।

-भंवर सिंह, जिला यातायात पुलिस प्रभारी

Edited By: Jagran