शामली, जागरण टीम। हमारे पास घर के कोई कागज नहीं थे। सरकारी दस्तावेज न होने के कारण बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता था। घर में रह रहे थे, लेकिन आज मंत्रीजी व जिलाधिकारी के हाथों अपने घर के कागज (घरौनी) पाकर अहसास हुआ कि असल में अब मालिक बने हैं।

- राम सिंह, लाभार्थी हमें मकान की बिक्री करनी हो या फिर लोन लेना हो। इसके लिए बैनामा की जरूरत पड़ती थी। ऐसा लगता था कि हम किराये के घर में ही रह रहे हैं। कागज न होने के कारण बहुत दिक्कतें थीं, लेकिन आज हमारा खुद मालिक होने का सपना पूरा हो गया है। सरकार का दिल से धन्यवाद करता हूं।

- रामपाल सिंह, लाभार्थी हमारे गांव के पटवारी ने बताया कि कलक्ट्रेट में घरौनी मिलेगी। हम घरौनी लेने के लिए पहुंचे। यहां आकर घर का अधिकार मिल गया। अब मकान असल में हमारा हो गया। जिलाधिकारी व सभी अफसरों का शुक्रिया अदा करता हूं।

- मुकेश कुमार, लाभार्थी हमें अफसरों ने बुलाकर बताया कि घर की घरौनी मिलेगी। मालूम नहीं था कि घरौनी क्या होती है, लेकिन जब समझाया कि इससे घर के मालिक बन जाओगे। जमीन की तरह ही घर की घरौनी होती है। यह सुनकर बहुत खुशी हुई। मंत्री व डीएम मैडम के हाथों हमें यह कागज मिला। हम सरकार व अफसरों का बहुत धन्यवाद देते हैं।

- सतवीर सिंह लाभार्थी इन्होंने कहा

कृषि भूमि की खतौनी होती है, लेकिन आवास का दस्तावेज नहीं होता है। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना में घरौनी से सरकारी आंकड़ों में ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक मिलेगा। जिले के 251 गांवों का सर्वे पूरा होने के बाद इनमें से 170 गांवों में घरौनी तैयार हो चुकी थी। 50 ग्रामीणों को समारोह में घरौनी सौंपी गई। गांवों में तेजी से वितरण कार्य शुरू करा दिया गया है। बाकी गांवों का कार्य भी जल्द पूरा करा लिया जाएगा।

- जसजीत कौर, डीएम शामली घरौनी का किया वितरण

संवाद सूत्र, ऊन : स्वामित्व योजना के अंतर्गत गुरुवार को तहसील में घरौनी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपजिलाधिकारी वीशु राजा ने पांच गांव के 10-10 ग्रामीणों को घरौनी वितरित की। उपजिलाधिकारी ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए एहतियात के चलते सिर्फ 10-10 ग्रामीणों को बुलाया गया था, जिन्हें घरौनी वितरित की गई है। बाकी ग्रामीणों को लेखपाल गांव में घरौनी वितरित करेंगे। कार्यक्रम में तहसीलदार अजय शर्मा व नायब तहसीलदार गौरव सांगवान भी मौजूद रहे।

Edited By: Jagran