शामली, जेएनएन। प्याज की खेती के प्रति किसानों की दिलचस्पी बढ़ी है। अभी तक कम ही किसानों ने बीज लिया था, लेकिन शनिवार को काफी किसान उद्यान विभाग कार्यालय पहुंचे। अब किसानों को अनुदान पर अधिकांश बीज का वितरण किया जा चुका है।

सूबे में प्याज का क्षेत्रफल बढ़ाने और किसानों की आर्थिकी मजबूत करने के लिए उद्यान विभाग ने योजना शुरू की है। प्रदेश में 15 लाख टन प्याज की खपत है, लेकिन इसके सापेक्ष उत्पादन करीब आठ लाख टन प्याज का होता है। उक्त में अधिकांश फसल रबी के मौसम की होती है। खरीफ के मौसम में किसानों को प्याज की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत जिले को 35 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्याज उत्पादन का लक्ष्य मिला है। एक हेक्टेयर में करीब दस किलोग्राम बीज लगता है और निदेशालय से विभाग को 164 किलोग्राम बीज मिला है। ऐसे में किसानों को बाजार से बीज खरीदने कर भी प्याज की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिला उद्यान अधिकारी डा. हरित कुमार ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मर्यादित (नेफड) सीतापुर से खरीफ मौसम का एल-883 प्रजाति का बीज मंगाया गया है, जिसकी कीमत 2550 रुपये प्रतिकिलोग्राम है। बीज जुलाई के प्रथम सप्ताह में आ गया था। शुरुआत में कम ही किसान आए थे। क्योंकि धान में अधिक दिलचस्पी होती है। लेकिन किसानों से संपर्क किया गया और उन्हें प्रेरित किया। अब करीब 30 किलोग्राम बीज बचा है। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किसान बीज ले सकते हैं। प्रति हेक्टेयर 12 हजार रुपये की धनराशि किसान को सब्सिडी के रूप में दी जाएगी। कुछ बीज विभाग अनुदान पर दे रहा है और कुछ किसान खुद लेंगे। फिलहाल 30 हेक्टेयर फसल का लक्ष्य पूरा हो गया है।

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कम होता है प्याज का उत्पादन

जिले में रबी मौसम में भी प्याज की खेती बहुत अधिक नहीं होती है। इस बार भी क्षेत्रफल 85 हेक्टेयर ही था। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि शासन की मंशा यही है कि प्याज का उत्पादन जिले में बढ़े और किसानों को भी फायदा हो।

Edited By: Jagran