शामली, जागरण टीम। शामली को जनपद बने 10 साल हो रहे हैं। साल 2011 में जिला बनने के बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब जिले में संसाधनों के साथ विकास की रफ्तार भी तेज होगी। ऊन तहसील बनने के बाद जनपद में कानून की गति को विकास देने के लिए जनपद में थाना बढ़ने व चौकियों को रिपोर्टिग चौकी बनाने को लेकर खूब जद्दोजहद हुई। थाना झिझाना के तहत रिपोर्टिग चौकी अहमदगढ़ व बिडोली को थाना व जलालाबाद पुलिस चौकी को रिपोर्टिंग चौकी बनाने का प्रस्ताव बसपा सरकार के शासन में भेजा गया। एक बार को जलालाबाद क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब जल्द ही उन्हें थाना थाना भवन पर जाकर न्याय के लिए चक्कर नहीं काटने होंगे। सालों बीतने के बाद जगी आशा, निराशा में बदल गई।

पुलिस चौकी, कैबिनेट मंत्री के विधानसभा के क्षेत्र में होने से यहां के निवासियों को अभी आशा बनी है। जलालाबाद क्षेत्र के 12 गांव एक नगर पंचायत है, जिनके निवासी रिपोर्ट या शिकायतों को लेकर थाना पहुंचते हैं। पुलिस चौकी क्षेत्र का आखिरी गांव चंदेना माल है, जिसकी दूरी आठ किलोमीटर थाना, थानाभवन से है। देश की आजादी के 70 साल के बाद जनपद शामली में रिपोर्टिंग चौकी नहीं बन पाई है।

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किराए के भवन में संचालित हो रही पुलिस चौकी

पुलिस चौकी का भवन आजादी से पूर्व मोहल्ला अमानत अली में रहा। कुछ सालों बाद दरबार शरीफ भवन में स्थानांतरित हो गई। बाद में मोहल्ला करीम बख्श में किराए के भवन में संचालित रही। हाईवे पर मुजफ्फरनगर जनपद के तत्कालीन एसएसपी आरएन सिंह ने पुलिस चेक पोस्ट कक्ष का उद्घाटन किया। इस कक्ष को मात्र चेक पोस्ट के लिए बनाया गया। धीरे-धीरे पुलिस चौकी अंदर के भवन से इसी कक्ष में स्थानांतरित हो गई।

पूर्व चेयरमैन रमा अशरफ अली खान के कार्यकाल में पुलिस चौकी का नया भवन बस स्टैंड भूमि पर प्रस्तावित कर निर्माण कराया गया। सीओ अमित सक्सेना ने बताया कि जलालाबाद पुलिस चौकी का रिपोर्टिंग चौकी का प्रस्ताव कब किस साल में भेजा गया संज्ञान में नहीं है। फिर भी वह अपने स्तर से प्रयास करेंगे कि यदि शासन से कोई ऐसा प्रस्ताव मांगा गया तो उस पर अपने कार्यकाल में कार्यवाही करा सकें।

Edited By: Jagran