शामली, जागरण टीम। चिट्ठी गुजरे जमाने की बात हो चुकी है, लेकिन जिला प्रशासन ने चिट्ठी-पत्री के दिनों की यादें ताजा कर दी हैं। दिव्यांग मतदाताओं को चिट्ठी के माध्यम से अनिवार्य मतदान की अपील की जाएगी। जिला प्रशासन ने साढ़े सात हजार से अधिक चिट्ठियों को लिखवा रहा है। स्कूली बच्चे, अधिकारी व कर्मचारी संयुक्त तौर पर चिट्ठियां लिख रहे हैं। इनके माध्यम से स्वस्थ और सशक्त लोकतंत्र की स्थापना में दिव्यांग मतदाताओं से लिखित अपील की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से अधिकारियों व कर्मियों ने चिट्ठी लिखना शुरू कर दिया है। मतदान से पहले डाक के जरिए ये चिट्ठियां दिव्यांग मतदाताओं तक पहुंचा दी जाएंगी।

मतदान के दिन अक्सर लोग किसी वजह से या जानबूझकर वोट डालने नहीं पहुंचते हैं, लेकिन एक-एक मत बेहद कीमती होता है। स्वस्थ लोकतंत्र की स्थापना में सभी मतदाताओं की भागीदारी जरूरी होती है। खासतौर से दिव्यांग मतदाता वोट के लिए कम ही निकलते हैं। जिला प्रशासन ने इसके लिए नवीन पहल करते हुए दिव्यांग वोटरों को जागरूक करने के लिए नई पहल की है। इसके लिए हर दिव्यांग वोटर को पोस्टकार्ड के जरिए मतदान के लिए आमंत्रित किया जाएगा। जिले के 6571 मतदाता दिव्यांग हैं। उनके लिए चिट्ठियां लिखवाने का कार्य शुक्रवार को कलक्ट्रेट से शुरू कर दिया गया है। मतदाताओं से चिट्ठियों के जरिए अपील की जा रही है कि वे आगामी 10 फरवरी को अपने मत का प्रयोग अनिवार्य तौर पर करें। बड़ी संख्या में चिट्ठियां लिखवाने के लिए स्कूली बच्चों का भी सहयोग लिया जाएगा। इसके बाद 31 जनवरी को यह सभी चिट्ठियां डीपीआरओ कार्यालय में एकत्रित हो जाएगी। यहां से सभी चिट्ठियां डाक के माध्यम से पोस्ट कराई जाएंगी। इन्होंने कहा-

दिव्यांग मतदाताओं को चिट्ठी भेजकर मतदान अनिवार्य तौर पर करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसके लिए 6571 मतदाताओं को डीएम मैडम की ओर से चिट्ठियां भेजी जाएगी। स्कूली बच्चों के साथ ही अधिकारी व कर्मचारी भी चिट़्ठी लिख रहे हैं। आगामी 31 जनवरी को यह चिट्ठियां डीपीआरओ कार्यालय में एकत्रित कर डाक के माध्यम से भेजी जाएंगी।

- मणि अरोड़ा, डिप्टी कलक्टर शामली

Edited By: Jagran