शामली, जेएनएन। टिड्डी दल के खतरे को प्रशासन चौकस हो गया है। जिलाधिकारी ने कृषि के साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और तैयारियों को लेकर समीक्षा की। किसानों को अधिक से अधिक जागरूक करने और टिड्डी दल की निगरानी के निर्देश दिए।

पाकिस्तान से चला टिड्डी दल राजस्थान होते हुए उत्तर प्रदेश के झांसी और सोनभद्र में आ चुका है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के पास पहुंचने की भी सूचना आई। पंजाब और हरियाणा में भी अलर्ट है और जिला प्रशासन यहां भी टिड्डी दल को लेकर नजर बनाए हुए है। क्योंकि जिले की सीमा हरियाणा से जुड़ी है। जिलाधिकारी मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन भी कर चुकी हैं। गुरुवार को हुई बैठक में जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कहा कि जिला पंचायती राज अधिकारी ग्राम प्रधानों के माध्यम से टिड्डी दल को लेकर प्रचार-प्रसार कराएं। उद्यान विभाग के अधिकारी बागवान किसानों से संपर्क करें। अग्निशमन विभाग पूरी तरह रखे। टिड्डी दल के नियंत्रण के लिए फायर टेंडर गाड़ियों को तैयार रखा जाए। नगर निकाय भी पानी के टैंकर भरकर तैयार रखें। साथ ही ग्राम पंचायत अधिकारियों, ग्राम विकास अधिकारियों, कृषि विभाग के प्राविधिक सहायकों और ग्रामीण क्षेत्र के सफाई कर्मियों के माध्यम से लगातार निगरानी कराए जाए। किसी भी स्तर पर कोई भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उप निदेशक कृषि एसके केसरी ने जिलाधिकारी को तैयारियों के बारे में अवगत कराया। हवा के साथ बदलती है टिड्डी दल की दिशा

जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास कुमार ने बताया कि टिड्डी दल की दिशा हवा के साथ बदल जाती है। ऐसे में खतरा बना हुआ है। अगर हरियाणा में टिड्डी दल की दस्तक होती है तो शामली के लिए अधिक खतरे वाली बात है। सोनभद्र और झांसी के साथ ही तमाम जिला कृषि रक्षा अधिकारियों के वह लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि टिड्डी दल सभी प्रकार की फसलों, पेड़-पौधों खा जाता है। बताया कि झांसी में कैसे नियंत्रण का काम हुआ, इसके बारे में भी पता किया गया है। वहां पर दमकल विभाग के साथ केंद्र की टीम ने भी कीटनाशक छिड़काव किया। जिले में कभी नहीं आया टिड्डी दल

जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास कुमार ने बताया कि टिड्डी दल का प्रकोप जिले में कभी नहीं रहा है। इसलिए किसानों को जागरूक करने पर अधिक जोर है। टिड्डी दल आने का पता चले तो लोगों को एकत्र करें। थाली, टीन के डिब्बे आदि को तेज-तेज बजाएं। साथ शोर भी मचाएं। इसके अतिरिक्त किन-किन कीटनाशक का इस्तेमाल किया जाता है, इसके बारे में भी बताया जा रहा है। किसान कर रहे निगरानी

टिड्डी दल को लेकर किसान भी अलर्ट हो गए हैं। किसान फसलों की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी तरह का प्रकोप नहीं है। कुड़ाना के किसान बिल्लू ने बताया कि टिड्डी दल के बारे में सुना तो है, लेकिन कभी प्रकोप नहीं रहा। लेकिन वह निगरानी कर रहे हैं। बामनौली गांव के किसान दीपक शर्मा ने बताया कि पारंपरिक तरीका तो यही सुना है कि टिड्डी दल आए तो शोर मचाएं, थालियां बजाएं आदि।

Posted By: Jagran

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