शामली, जागरण टीम। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभारंभ कर दिया। योजना में जिले के 105 बच्चों को भी लाभांवित किया गया है। गुरुवार को डीएम जसजीत कौर ने पहुंचे 30 बच्चों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए।

गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में प्रोजेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के शुभारंभ का सजीव प्रसारण देखा गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर डीएम जसजीत कौर ने किया। कार्यक्रम में 105 प्रभावित बच्चों के सापेक्ष 30 बच्चों को डीएम जसजीत कौर ने आर्थिक सहयोग की धनराशि के स्वीकृति पत्र के साथ चाकलेट मिष्ठान का पैकेट वितरित किया। डीएम ने अभिभावक या संरक्षक की जिम्मेदारी निभाने वाले परिजनों से कहा कि योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली धनराशि को बच्चों की पढ़ाई पर ही खर्च करना है ताकि यह बच्चे पढ़ लिख हायर एजुकेशन प्राप्त कर भविष्य में प्रतिष्ठित पद की प्राप्त करें। मुख्यमंत्री ने कोरोना में प्रभावित हुए बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए बहुत ही अच्छी योजना चलाई है। कभी भी किसी भी वक्त किसी भी प्रकार की कोई समस्या आती है तो उसके लिए बताया जाए। सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने बताया कि कोरोना से प्रभावित ऐसे बच्चों जिनके माता-पिता में से कोई एक या फिर दोनों माता-पिता खोया है अथवा प्रभावित हुए है। ऐसे 105 बच्चों को चार हजार रुपए प्रतिमाह सहायता प्रदान की जाएगी। जिले में 105 बच्चों के अभिभावकों के खाते में 12 लाख आठ हजार रुपए की धनराशि जारी की गई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रसून राय, जिला सूचना अधिकारी दीपक कुमार, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अश्वनी कुमार, अमित मलिक मौजूद रहे। उद्यमियों ने बच्चों की आर्थिक मदद

कोरोना में अपने माता पिता को खो चुके गांव लिसाढ के हिमांशु मलिक को पूर्व चेयरमैन राजेश्वर बंसल ने एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया। प्राची मलिक को इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक मित्तल ने एक लाख, प्रियांशु मलिक को अरविद संगल पूर्व चेयरमैन ने 51 हजार रुपये के चेक बच्चों के लिए डीएम को उपलब्ध कराए। डीएम ने तीनों बच्चों को चेक उपलब्ध कराए। उद्यमी अंकित गोयल ने दयानंद नगर से कविता की दो बच्चियों को 51 हजार का चेक दिया।